भिण्ड , जुलाई 24 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर केएल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध, स्कूल बसों की सुरक्षा जांच, बायपास पर प्रकाश व्यवस्था और अवैध पार्किंग हटाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा, अपर कलेक्टर एलके पांडेय, एसडीएम अखिलेश शर्मा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सुभाष तिराहा से परेड चौराहा होते हुए इंदिरा गांधी चौराहा तक वाणिज्यिक भारी एवं बड़े वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, इसलिए यातायात नियंत्रण के प्रभावी उपाय आवश्यक हैं।
कलेक्टर ने बायपास मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने तथा सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने के लिए टोइंग क्रेन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नगर पालिका कार्यालय और इंदिरा गांधी चौराहे पर बैरियर लगाने के भी निर्देश दिए गए, ताकि प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश रोका जा सके।
बैठक में जिले में संचालित स्कूल बसों की फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी बसों की जांच कर बच्चों की सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में कलेक्टर ने जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए अतिरिक्त प्रवेश द्वार बनाने तथा मेडिको-लीगल मामलों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सरकारी एवं निजी अस्पतालों में निर्धारित समय सीमा में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को भी कहा।
बैठक में शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवारा मवेशियों को सड़कों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, जिससे यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।
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