भिण्ड , अगस्त 31 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड में शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में शिक्षकों ने कल प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन में शामिल होने जा रहे शिक्षकों को पुलिस द्वारा बसों में रोके जाने के बाद शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए।

कलेक्ट्रेट के बाहर हुए प्रदर्शन में जिलेभर से करीब तीन सौ शिक्षक शामिल हुए। शिक्षकों ने कहा कि सरकार ने लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों पर दोबारा शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रावधान लागू कर उनके साथ अन्याय किया है। उन्होंने इसे काला कानून बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।

शिक्षकों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी बसों को रोक दिया। इसके बाद सभी शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए और धरना शुरू कर दिया।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रांतीय संयोजक संतोष लहारिया ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों पर काला कानून थोप दिया है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है। सरकार को शिक्षकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी प्रावधान वापस लेना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे शिक्षक पात्रता परीक्षा नहीं देंगे। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्णय लेकर परीक्षा संबंधी प्रावधान वापस लेने की मांग की।

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