भिण्ड , जुलाई 29 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में औषधि प्रशासन विभाग ने अनियमितताओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए नौ मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर उनके दवा क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है।
औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने भिण्ड और फूप क्षेत्र में संचालित मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फूप स्थित विकास मेडिकल एजेंसी, महावीर मेडिकल स्टोर, गोविंद मेडिकल स्टोर, अशोक मेडिकल स्टोर, अभई मेडिकल स्टोर, जैन मेडिकल स्टोर सहित अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता और दवाओं के अभिलेखों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए गए कि बिना पंजीकृत फार्मासिस्ट अथवा सक्षम व्यक्ति की उपस्थिति के मेडिकल स्टोर का संचालन नहीं किया जाए। साथ ही नशीले पदार्थों के रूप में दुरुपयोग की संभावना वाली दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड नियमानुसार संधारित करने तथा निरीक्षण के समय प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि शेड्यूल दवाओं का विक्रय बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के नहीं किया जाए और खरीद-बिक्री से संबंधित सभी अभिलेख नियमों के अनुरूप रखे जाएं।
डॉ. गरुड़ ने बताया कि पूर्व में जिले के कई मेडिकल स्टोरों में निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें मिहोना के गिर्राज मेडिकल स्टोर और शीला मेडिकल स्टोर, लहार के विनय मेडिकल स्टोर, श्री गणेश मेडिकल स्टोर और मां शारदा मेडिकल स्टोर, रौन के विधि मेडिकल स्टोर, पिथनपुरा के नरवरिया ड्रग हाउस तथा गोहद के राज मेडिकल स्टोर और अनिल मेडिकल स्टोर शामिल हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित संचालकों द्वारा नोटिस का संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर इन नौ मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित कर दवा क्रय-विक्रय पर रोक लगाने की कार्रवाई की गई है।
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