नयी दिल्ली/पोर्ट विक्टोरिया , मार्च 22 -- भारतीय नौसेना का आधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिखंड, सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा और युद्धाभ्यास पूरा करने के बाद 20 मार्च को रवाना हो गया। यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच गहरे होते सामरिक और सैन्य संबंधों की दृष्टि से अत्यंत ऐतिहासिक रही है।
जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात की। जहाज ने सेशेल्स सरकार को महत्वपूर्ण पुर्जे और आवश्यक सामग्री भी सौंपी हैं।
भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और सेशेल्स रक्षा बलों (एसडीएफ) के सदस्यों के साथ, आईएनएस त्रिखंड ने अभ्यास लामितिये 2026 के पहले त्रि-सेवा संस्करण में भाग लिया। यह अभ्यास लामितिये के 11वें संस्करण में भारतीय नौसेना की पहली भागीदारी है।
बंदरगाह चरण के दौरान, जहाज पर विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर (वीबीएसएस) प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त बोर्डिंग अभ्यास भी शामिल थे। इसके बाद अभ्यास का समुद्री चरण शुरू हुआ, जिसके दौरान जहाज ने एससीजीएस ले विजिलेंट के साथ अभ्यास किया और भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और एसडीएफ के विशेष बलों की एक टीम द्वारा समुद्र में संयुक्त बोर्डिंग अभियान चलाया गया। इसके बाद भारतीय सेना और सेशेल्स रक्षा बलों के सैनिकों ने प्रस्लिन द्वीप पर लैंडिंग की। एसडीएफ के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट, एसडीएफ के डिप्टी चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज ब्रिगेडियर जीन अट्टाला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अभ्यास के संचालन को देखने के लिए समुद्री चरण के दौरान आईएनएस त्रिखंड पर सवार हुए।
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