पटना, अक्टूबर 29 -- हकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक (नीति) मुकेश कुमार ने सहकारिता विभाग, बिहार सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, सहकारी समितियों के विस्तार तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान मुकेश कुमार ने निर्देश दिये कि पैक्सों के माध्यम से खाद वितरण का कार्य अधिक से अधिक किया जाए, जिससे किसानों को स्थानीय स्तर पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने पैक्सों में उद्यमशीलता बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में विकसित करने के प्रयासों में तेजी लाने पर जोर दिया। साथ ही, सहकारी समितियों को प्रशिक्षण एवं क्षमतावर्धन के माध्यम से सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई, जिससे वे अपने कार्यों का प्रभावी ढंग से संचालन कर सकें और सदस्यों को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध करा सकें।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि बिहार में कुल 28,951 सहकारी समितियाँ निबंधित हैं, जिनके 1.61 करोड़ से अधिक सदस्य हैं। राज्य में 23 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों एवं बिहार राज्य सहकारी बैंक की कुल 291 शाखाओं के माध्यम से बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बैठक में पैक्स कम्प्यूटरीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के विस्तार तथा सहकारी बैंकों के माध्यम से डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया गया कि प्रथम चरण में 4,477 पैक्सों का कम्प्यूटरीकरण किया जा चुका है तथा 5,828 पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर क्रियाशील हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पैन कार्ड आवेदन, किसान निबंधन एवं बिजली बिल भुगतान सहित विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना एवं राज्य योजना के अंतर्गत गोदाम निर्माण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। राज्य योजना के तहत अब तक 7,516 गोदामों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने के लिए 1,008 समितियाँ डीएमए/बैंक मित्र के रूप में कार्य कर रही हैं।

बैठक में वेजफेड के माध्यम से सब्जी उत्पादक किसानों को बेहतर बाजार एवं भंडारण सुविधाएँ उपलब्ध कराने, पंचायत स्तर पर 350 सब्जी संग्रहण केंद्र स्थापित करने, पैक्सों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र एवं प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के रूप में विकसित करने तथा किसान उत्पादक संगठनों की व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, धान अधिप्राप्ति, सहकारी समितियों के प्रशिक्षण, सहकारी चीनी मिलों की स्थापना एवं बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई।

बैठक में निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार रजनीश कुमार सिंह,सहकारिता विभाग के अपर निबंधक विकास कुमार बरियार, रामनरेश पांडेय, संयुक्त निबंधक कामेश्वर ठाकुर, समरेश कुमार, निकेश कुमार एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित