मुंबई , फरवरी 17 -- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैकों ने मंगलवार को नवाचार के क्षेत्र में भारत के बढ़ते प्रभाव की सराहना करते हुए कहा कि देश वैश्विक नवाचार में केवल भागीदार नहीं है, बल्कि इसे आकार देने वाला एक अग्रणी नेता है।
यहां भारत-फ्रांस नवाचार मंच पर बोलते हुए श्री मैक्रों ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत की मजबूत वैश्विक उपस्थिति पर प्रकाश डाला और इसकी उल्लेखनीय उपलब्धियों की प्रशंसा की।
अपने संबोधन के दौरान, फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने बताया कि कई प्रमुख वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रमुख भारतीय मूल के व्यक्ति हैं। उन्होंने अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम, एडोब, पालो अल्टो नेटवर्क्स और चैनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों का उल्लेख करते हुए रेखांकित किया कि उनकी भारतीय जड़ें नवाचार और उद्यम में देश की अपार प्रतिभा और वैश्विक प्रभाव को दर्शाती हैं।
भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की फ्रांस की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री मैक्रों ने कहा कि उनका देश अपने साझेदार के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा, "हम यहां हैं। हम आपके साथ रहना चाहते हैं। और हम यहां से नहीं जा रहे हैं," यह कहते हुए उन्होंने दीर्घकालिक सहयोग को बनाए रखने और विस्तार करने के फ्रांस के इरादे का संकेत दिया।
फोरम में श्री मैक्रों ने 'मेक इन इंडिया' पहल में, विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में, एक दृढ़ साझेदार के रूप में फ्रांस की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने अगली पीढ़ी के इंजन, बहु-भूमिका वाले हेलीकॉप्टर, उन्नत लड़ाकू विमान और पनडुब्बियों के विकास के लिए दोनों देशों के बीच संयुक्त प्रयासों पर प्रकाश डाला। सहयोग के व्यापक दायरे पर जोर देते हुए, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जुड़ाव केवल एक समझौते तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा अनुबंधों की एक श्रृंखला का प्रतिनिधित्व करता है।
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