मुंबई , जुलाई 23 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम ने गुरुवार को आरोप लगाया कि भारत-विरोधी अंतरराष्ट्रीय ताकतों ने छात्रों के मौजूदा विरोध प्रदर्शनों के जरिये देश को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची है और इनका लक्ष्य नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति को रोकना है।
श्री साटम पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनके साथ भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बान, प्रदेश मीडिया प्रमुख गोविंद येतेकर, मुंबई भाजपा महासचिव एवं सिद्धिविनायक ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी और प्रदेश मीडिया सह-प्रमुख ओमप्रकाश चौहान सहित अन्य नेता मौजूद थे।
कथित नीट परीक्षा पेपर लीक का जिक्र करते हुये श्री सातम ने दावा किया कि सरकार ने चार दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि गत तीन मई को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी गयी थी। शिक्षा मंत्रालय ने जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी थी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि कथित पेपर लीक में दोषी पाये जाने वालों के खिलाफ तेजी से सुनवाई करने वाली अदालतों के जरिये सख्त और त्वरित कार्रवाई की जायेगी।
श्री साटम ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के 8,225 करोड़ रुपये के मुकाबले मोदी सरकार में शिक्षा बजट बढ़ाकर 1.39 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार पिछले 12 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में एक "क्रांति" लेकर आयी है।
उन्होंने पूछा कि क्या पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान पेपर लीक होने पर मंत्रियों ने इस्तीफे दिये थे या कितने आपराधिक मामले दर्ज कर गिरफ्तारियां की गयी थीं? उन्होंने 2004 की सीबीएसई प्री-मेडिकल परीक्षा, 2006 की 12वीं कक्षा के एकाउंटेंसी के पेपर, 2007 और 2011 की इंजीनियरिंग परीक्षाओं, 2008 के प्री-मेडिकल टेस्ट, 2012 की एम्स प्रवेश परीक्षा, 2013 की महाराष्ट्र 12वीं कक्षा की परीक्षा, राजस्थान विश्वविद्यालय व राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं और 2014 की सीबीएसई 10वीं कक्षा के गणित और अर्थशास्त्र के पेपर लीक की घटनाओं के उदाहरण दिये।
श्री सातम ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रदर्शनों के तार भू-राजनीतिक हितों और विदेशी अंशदान (विनियमन) कानून (एफसीआरए) से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाकर भारत की प्रगति को रोकने की एक अंतरराष्ट्रीय साजिश रची गयी है।
उन्होंने दावा किया कि देश-विरोधी ताकतों को समझ आ गया है कि जनता ने कांग्रेस के राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और महाराष्ट्र के कुछ राजनीतिक नेताओं सहित विपक्षी नेताओं को नकार दिया है। इसलिए वे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए 'तीसरे पक्ष के एजेंट' तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों और युवाओं से अपील की है कि वे इस मनगढ़ंत प्रचार के झांसे में न आयें।
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