गांधीनगर , मई 08 -- केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने देश में तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए शुक्रवार को घरेलू लीजिंग तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि देश में इस क्षेत्र में अगले एक दशक में 50 अरब डॉलर के अवसर मौजूद हैं।

श्री नायडू ने यहां गिफ्ट सिटी में भारत विमान लीजिंग एवं वित्तपोषण शिखर सम्मेलन के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि देश के वाणिज्यिक विमान बेड़े का आकार वर्ष 2027 तक 1,100 विमानों तक और साल 2035 तक 2,250 से अधिक विमानों तक पहुंचने की उम्मीद है। वर्तमान में भारतीय विमान सेवा कंपनियों के पास 1,640 विमानों की डिलीवरी लंबित है।

उन्होंने कहा कि आने वाले दशक में भारत के लीजिंग पारितंत्र के लिए 50 अरब डॉलर का अवसर मौजूद है और इस वृद्धि को समर्थन देने के लिए मजबूत घरेलू वित्तपोषण और लीजिंग तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत न केवल दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में से एक बन रहा है, बल्कि एक उभरते वैश्विक विमानन वित्तपोषण और लीजिंग क्षेत्राधिकार के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है।

इस सम्मेलन का आयोजन नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के साथ मिलकर किया। श्री नायडू ने शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मुख्य अतिथि रहे।

श्री नायडू ने भारतीय विमान सेवा कंपनियों की परिचालन स्थिरता और दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा दिये जा रहे निरंतर समर्थन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकार ने विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि को 25 प्रतिशत प्रति माह तक सीमित किया है, पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर हवाई अड्डों पर लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती की है और एयरलाइनों के लिए ऋण सहायता उपायों का विस्तार किया है।

श्री पटेल ने गिफ्टी सिटी को एक वैश्विक वित्तीय और फिनटेक हब के रूप में मजबूत बनाने के लिए गुजरात की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नये हवाई अड्डा विकास परियोजनाओं सहित गुजरात के विस्तारित विमानन बुनियादी ढांचे का उल्लेख करते हुए वैश्विक हितधारकों को राज्य की विमानन विकास यात्रा में भाग लेने का आमंत्रण दिया।

फिक्की की नागरिक उड्डयन समिति के अध्यक्ष तथा भारत तथा दक्षिण एशिया के लिए एयरबस के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जर्गन वेस्टरमायर ने कहा कि भारत का विमानन और एयरोस्पेस क्षेत्र सुरक्षा, किफायती सेवाओं, प्रतिस्पर्धात्मकता और स्थिरता के स्तंभों पर लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने भारतीय विमान सेवा कंपनियों के बड़े ऑर्डर बैकलॉग और विमानों की खरीद के लिए आवश्यक वित्तपोषण का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय वित्तदाताओं तथा लीजदाताओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध हैं।

शिखर सम्मेलन में एयर इंडिया की इकाई एआई फ्लीट सर्विसेज आईएफएससी लिमिटेड ने मार्च 2027 तक अपने बेड़े को 50 से बढ़ाकर 76 विमानों तक विस्तारित करने की योजना की घोषणा की। इंटरग्लोब एविएशन फाइनेंशियल सर्विसेज आईएफएससी (इंडिगो) ने अगले साल मार्च तक अपने बेड़े को लगभग 75 से बढ़ाकर लगभग 150 विमानों तक ले जाने की योजना घोषित की।

अकासा एयर ने गिफ्ट सिटी में अपनी इकाई 'एकासा एयर लीजिंग आईएफएससी प्राइवेट लिमिटेड' (एएएलआई) की स्थापना की घोषणा की। गिफ्ट सिटी स्थित एएएलआई कार्यालय अगले पांच साल में लगभग 60 विमानों की लीजिंग के माध्यम से अकासा एयर के बेड़े के विस्तार में सहायता करेगा।

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