भोपाल , अगस्त 12 -- वर्ष का बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात को घटित होगा, लेकिन यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी। राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने सूर्य ग्रहण से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि ग्रहण की पूरी अवधि भारत में रात के समय होगी, जब सूर्य क्षितिज के नीचे होगा।
सारिका घारू ने बताया कि भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 09:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की रात 01:27 बजे समाप्त होगा। पूर्ण ग्रहण की शुरुआत रात 10:28 बजे होगी, जबकि ग्रहण का चरम रात 11:16 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को सबसे अधिक ढकेगा। पूर्ण ग्रहण रात 12:05 बजे समाप्त होगा।
उन्होंने बताया कि यह सूर्य ग्रहण यूरोप के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वहां 27 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इससे पहले यूरोप में 1999 में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया था। पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल से होकर गुजरेगा। इन क्षेत्रों में दिन के समय कुछ समय के लिए रात जैसा अंधेरा छा जाएगा। यूरोप के अलावा कनाडा और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
सारिका घारू ने बताया कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा की छाया पृथ्वी के एक बड़े हिस्से पर पड़ेगी। दुनिया की करीब 12 प्रतिशत आबादी इस ग्रहण को प्रत्यक्ष देख सकेगी। भारत में खगोल प्रेमी नासा और अन्य वैज्ञानिक संस्थाओं की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से इस खगोलीय घटना को देख सकते हैं।
उन्होंने लोगों से ग्रहण को लेकर अंधविश्वासों से दूर रहने और इसे प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक घटना के रूप में देखने की अपील की। सारिका घारू के अनुसार 15 दिन बाद 28 अगस्त को आंशिक चंद्रग्रहण होगा, लेकिन वह भी भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में अगला सूर्य ग्रहण 02 अगस्त 2027 को आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देने की संभावना है।
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