नयी दिल्ली , मार्च 25 -- पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों के बीच केन्द्र और राज्य संचालित तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।

पिछले 48 घंटों के दौरान पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बाधित होने की अफवाहें तेजी से फैलीं, जिससे देश के कुछ हिस्सों में लोगों में चिंताएं बढ़ी और कुछ पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखी गई। हालांकि अधिकारियों ने इन आशंकाओं को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत की ईंधन सुरक्षा मजबूत बनी हुई है।

एक विस्तृत परामर्श में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सभी आपूर्ति श्रृंखलाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। कंपनी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाहें पूरी तरह गलत हैं और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

बीपीसीएल ने कहा, "पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। बीपीसीएल पूरी तरह संचालन में है और निर्बाध ईंधन आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।"कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और भारत इन ईंधनों का शुद्ध निर्यातक है। कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (एटीएफ) का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला में किसी प्रकार की बाधा नहीं है।

कंपनी ने बताया कि उसकी सभी रिफाइनरी, डिपो और पेट्रोल पंप पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराकर ईंधन की अनावश्यक खरीद न करें।

इस बीच, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी कहा कि देश की सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता पर चल रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है।

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