टोरंटो , अगस्त 28 -- भारत ने कनाडा के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से द्विपक्षीय निवेश संधि पर वार्ता जल्द से जल्द शुरू करने की तत्परता जताई है।

वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री निर्मला सीतारमण और कनाडा के वित्त एवं राष्ट्रीय राजस्व मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन के बीच गुरुवार को कनाडा-भारत वित्त मंत्रियों की पहली आर्थिक एवं वित्तीय वार्ता के बाद जारी संयुक्त व्यक्तव्य में यह जानकारी दी गयी है।

संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि वार्ता के दौरान मंत्रियों ने वैश्विक व्यापक आर्थिक घटनाक्रमों और घरेलू नीतिगत प्राथमिकताओं पर चर्चा की। उन्होंने भारत और कनाडा के बीच आर्थिक एवं निवेश संबंधों को और मजबूत करने के पारस्परिक लाभों पर चर्चा की, ताकि दोनों देशों के बीच वित्तीय और वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके। भारत ने जल्द से जल्द द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर वार्ता शुरू करने की अपनी तत्परता व्यक्त की।

उल्लेखनीय है कि भारत और कनाडा ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर (4.65 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी के बीच नयी दिल्ली में मार्च 2026 में हुई बैठक में द्विपक्षीय आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी थी। इसमें 2026 के अंत तक कनाडा-भारत व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की वार्ता पूरी करने की साझा प्रतिबद्धता भी शामिल है।

श्रीमती सीतारमण और श्री शैम्पेन ने भारत में कनाडाई पेंशन फंडों और अन्य संस्थागत निवेशकों की महत्वपूर्ण उपस्थिति तथा आर्थिक विकास में उनके योगदान की संभावनाओं पर भी बात की। मंत्रियों ने स्वीकार किया कि भारत द्वारा इन निवेशकों को वर्तमान में प्रदान की जा रही कर राहत से निवेश को प्रोत्साहन मिला है। उन्होंने ऐसे घरेलू कर कानूनों के महत्व पर चर्चा की जो निवेश के संबंध में करदाताओं को स्थिरता और निश्चितता प्रदान करते हैं। उन्होंने भारतीय और कनाडाई वित्तीय संस्थानों तथा संस्थागत निवेशकों के बीच अधिक सहयोग को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की, ताकि पारस्परिक हित वाले विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य निवेश अवसरों का पता लगाया जा सके।

मंत्रियों ने भुगतान प्रणालियों का आधुनिकीकरण, वित्तीय स्थिरता, फिनटेक नवाचार, पूंजी बाजार का विकास और वित्तीय अपराध से निपटने के प्रयासों पर भी बात की। उन्होंने सीमा-पार मनी ऑर्डर और व्यापारी भुगतान से संबंधित अवसरों का पता लगाने के लिए संबंधित प्राधिकरणों और हितधारकों के बीच सहयोग का समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की।

उन्होंने कनाडा में भुगतान सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी के माध्यम से यूपीआई के उपयोग को व्यापक बनाने के अवसरों का स्वागत किया। उन्होंने माना कि ऐसे प्रयास तेज, अधिक कुशल और कम लागत वाले भुगतान में योगदान कर सकते हैं तथा दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और छोटे एवं मध्यम आकार के उद्यमों के विकास को समर्थन दे सकते हैं।

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