आइची-नागोया (जापान) , सितंबर 20 -- एशियाई खेलों में रविवार को महिला बैडमिंटन टीम स्पर्धा में भारत ने कजाकिस्तान को 3-0 से हराया। पीवी सिंधु ने शुरुआती बढ़त दिलाई और फिर भारत के युवा शटलरों ने निर्णायक जीत हासिल की। इस दौरान भारत ने एक भी गेम नहीं गंवाया।
इस मुकाबले में कोई खास रोमांच नहीं था क्योंकि भारत ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। सिंधु, उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा ने तीनों मैचों में कुल मिलाकर सिर्फ 48 पॉइंट गंवाए, जिससे दोनों टीमों के बीच का अंतर साफ पता चलता है।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने कामिला स्मागुलोवा के खिलाफ 21-7, 21-9 की शानदार जीत के साथ भारत के अभियान की शुरुआत की।
कजाकिस्तान की खिलाड़ी के पास सिंधु की गति, पहुंच और आक्रामक शॉट्स का कोई जवाब नहीं था और भारतीय खिलाड़ी ने लगभग तुरंत ही रैलियों पर नियंत्रण कर लिया। सिंधु ने स्मागुलोवा को कभी भी जमने नहीं दिया और आसानी से पहला मुकाबला जीत लिया। इसके बाद उन्नति ने दिखाया कि भारत की अगली पीढ़ी भी बड़े मंच के लिए तैयार है। उन्होंने एलिसा कुलेशोवा को 21-7, 21-10 से हराकर भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया। तन्वी शर्मा को जीत पक्की करने के लिए सिर्फ दो गेम की जरूरत थी। उन्होंने डायना नामेनोवा को 21-5, 21-10 से हराया और भारत को बिना कोई गेम गंवाए अगले दौर में पहुंचा दिया।
जीत का तरीका भी नतीजे जितना ही अहम था। भारत ने तीन मैचों में सिर्फ 48 पॉइंट गंवाए और कजाकिस्तान को कभी भी कोई बड़ी चुनौती पेश नहीं करने दी। सिंधु के लिए, यह शानदार शुरुआती जीत उनके चौथे एशियाई खेलों के अभियान की एक बहुत अच्छी शुरुआत थी। उन्होंने 2014 खेलों में कांस्य और 2018 में रजत पदक जीता था और अब वह उस एशियाई खेलों के गोल्ड मेडल की तलाश में हैं जो उनसे दूर रहा है। लेकिन रविवार की जीत सिर्फ सिंधु के बारे में नहीं थी। हुड्डा और शर्मा ने यह सुनिश्चित किया कि भारत का अभियान अपनी स्थापित स्टार खिलाड़ी से आगे बढ़े और टीम की गहराई की एक शुरुआती झलक पेश की।
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