चम्पावत , मार्च 28 -- भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह संयुक्त रूप से इस लैंड पोर्ट का शिलान्यास करेंगे।
यह अत्याधुनिक लैंड पोर्ट उत्तराखंड के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर विकसित किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के तहत सीमा पर एकीकृत ढांचा विकसित किया जाएगा, जिसमें कस्टम, इमिग्रेशन, सुरक्षा, कार्गो और यात्री सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
इस पहल को भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लैंड पोर्ट के निर्माण से दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और आवागमन को नई गति मिलेगी, साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।
माना जा रहा है कि यह परियोजना सीमा पार व्यापार को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाएगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा नेपाल सरकार का आभार जताते हुए इसे भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत करने वाली ऐतिहासिक पहल बताया है।
उन्होंने बताया कि लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) और उत्तराखंड सरकार के सहयोग से बनबसा- महेंद्रनगर सीमा पर इस अत्याधुनिक लैंड पोर्ट का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण के लिए करीब 500 रुपये करोड़ की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है जबकि पर्यावरण मंजूरी, 84 एकड़ वन भूमि हस्तांतरण समेत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
इस लैंड पोर्ट के निर्माण से एक ही परिसर में कस्टम, इमिग्रेशन, सुरक्षा, कार्गो टर्मिनल, यात्री टर्मिनल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे सीमा पार व्यापार और आवागमन को तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
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