नई दिल्ली/रांची , जून 12 -- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज मीडिया और संचार अधिकारियों के लिए एक दिवसीय सम्मेलन में मीडिया नोडल-सह-अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड सुबोध कुमार के साथ झारखंड राज्य के कुल 16 पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया, जिसमें राज्य स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ 15 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी शामिल रहे।
इस सम्मेलन में सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया नोडल अधिकारियों और सोशल मीडिया नोडल अधिकारियों के साथ-साथ उन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के जिला मीडिया नोडल अधिकारियों/जिला जनसंपर्क अधिकारियों ने भाग लिया जहाँ मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' का तीसरा चरण चल रहा है, या जहाँ चुनाव होने वाले हैं। देश भर से इस कार्यक्रम में 350 से अधिक मीडिया और संचार अधिकारियों ने भागीदारी की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल ही में पांच राज्यों में संपन्न हुए चुनावों में स्वतंत्रता के बाद से अब तक की सबसे अभूतपूर्व जनभागीदारी देखी गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनका संचार समय पर हो, समझने में आसान हो और पूरी तरह से तथ्यों व कानून पर आधारित हो।
चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने अपने संबोधन में कहा कि संचार का ध्यान केवल इनपुट (जानकारी देने) पर नहीं, बल्कि उसके प्रभाव पर होना चाहिए। वहीं, चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशा-निर्देशों को जनता तक आसानी से समझ में आने वाले प्रारूप में पहुंचाने में इन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन की शुरुआत चुनाव चक्र (नामांकन से लेकर मतदान तक) के दौरान संचार रणनीतियों, इसीनेट, महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों, कानूनों और मीडिया के साथ उनके तालमेल पर एक विस्तृत ओवरव्यू के साथ हुई। दिन भर चले इस सम्मेलन में निम्नलिखित विषयों पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए: प्रेस नोट की योजना बनाना और मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से उनका प्रसार करना। भ्रामक सूचनाओं और झूठे नैरेटिव से निपटना। चुनावी साक्षरता क्लबों के माध्यम से युवा मतदाताओं को जोड़ना। हाल ही में चुनाव वाले राज्यों के अधिकारियों द्वारा जमीनी अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त श्री कुमार की अध्यक्षता में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया गया।
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