रायपुर , सितंबर 14 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को कहा कि भारत और जापान के बीच प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंध अब शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में विस्तार पा रहे हैं तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच बढ़ता संवाद भविष्य में सहयोग की नई संभावनाएं खोलेगा।
श्री साय ने यहां मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह बात कही। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे विद्यार्थियों से उन्होंने भारत-जापान संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में हैं। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मैत्री के संदेश का जापान की संस्कृति पर भी गहरा प्रभाव है। यही साझा विरासत दोनों देशों को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। राज्य सरकार सिरपुर सहित प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने तथा विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास कर रही है।
श्री साय ने अपनी जापान यात्रा के अनुभव साझा करते हुए वहां की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और परंपराओं के संरक्षण की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत भी अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और नवाचार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
प्रतिनिधिमंडल के विद्यार्थियों ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए यहां की संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य की सराहना की। उन्होंने बताया कि गणेश उत्सव की परंपराओं को समझने के साथ उन्हें भारतीय खान-पान, मेहंदी और भारतीय परिधानों से परिचित होने का अवसर मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने वहां संचालित स्टार्टअप, अनुसंधान परियोजनाओं और नई तकनीकों में विशेष रुचि दिखाई तथा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और नवाचार आधारित सहयोग की संभावनाओं पर उत्सुकता जताई।
तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर का भी दौरा करेगा, जहां विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की प्राचीन बौद्ध विरासत, स्थापत्य, कला और सांस्कृतिक इतिहास से परिचित होंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर दिलीप सिंह सिसोदिया, समीर बाजपेयी, आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर सी.के. मोहन, उद्योग विभाग के अतिरिक्त संचालक संजय गजघाटे, उपसंचालक अमय त्रिपाठी और चिप्स के ज्वाइंट सीईओ अनुपम आशीष टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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