गांधीनगर , जनवरी 12 -- जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की भारत यात्रा से भारत और जर्मनी के संबंधों को नयी गति मिली है और दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग बढाने और आतंकवाद के विरुद्ध संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर सहमति जताई है।

श्री मर्ज ने सोमवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ व्यापक वार्ता की। जर्मन चांसलर श्री मोदी के निमंत्रण पर दो दिन की आधिकारिक यात्रा आये हैं। यह उनकी भारत तथा एशिया की पहली यात्रा थी। जर्मन चांसलर के साथ जर्मनी की 23 प्रमुख कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रमुख उद्योगपति भी आये हैं।

श्री मोदी ने अहमदाबाद में चांसलर मर्ज़ का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की, पतंग महोत्सव में भाग लिया और भारत-जर्मनी सीईओ फोरम को संबोधित किया। दोनों के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।

रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग और आतंकवाद के विरुद्ध संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने पर सहमति जताई। उन्होंने व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार के 50 अरब डॉलर से अधिक होने पर संतोष व्यक्त किया गया और भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र निष्कर्ष का समर्थन किया।

दोनों देशों ने अपनी बातचीत में प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। हरित और सतत विकास साझेदारी के अंतर्गत नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और जलवायु कार्रवाई में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत में स्वतंत्र और नियम-आधारित व्यवस्था के समर्थन, वैश्विक शांति, जलवायु परिवर्तन और संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर समान दृष्टिकोण व्यक्त किया। लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के लिए जर्मनी द्वारा भारतीय पासपोर्ट धारकों को वीज़ा-मुक्त ट्रांजिट सुविधा की घोषणा का स्वागत किया गया।

दोनों पक्षों ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई और अगली अंतर-सरकारी परामर्श बैठक 2026 में जर्मनी में आयोजित करने का निर्णय लिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित