जयपुर , अप्रैल 14 -- रेलवे के उपक्रम इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने श्रद्धालुओं की अपार मांग के मद्देनजर पुरी गंगासागर अयोध्या धाम यात्रा ट्रेन चलाने का फैसला किया है, जिससे श्रद्धालु रामलला संग काशी विश्वनाथ, जगन्नाथ धाम, गंगासागर तीर्थ जैसे कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे।
यह यात्रा ट्रेन आगामी नौ मई को श्रीगंगानगर से रवाना होकर वाया हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, रिंगस, जयपुर, भरतपुर, मथुरा, आगरा कैंट, ग्वालियर, झांसी और कानपुर से सवारियां लेती हुई जायेगी। इस यात्रा की अवधि 11 दिन की है, जिसमें पुरी में जगन्नाथ धाम, कोणार्क का सूर्य मंदिर, गंगासागर तीर्थ, कोलकाता के काली घाट मंदिर, जसडीह में बैधनाथ धाम, गया में महाबोधी मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, गंगा आरती और अन्य स्थानीय मंदिर तथा अयोध्या में रामलला मंदिर एवं हनुमानगढ़ी तीर्थ जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण सनातनी धार्मिक स्थलों के दर्शन का मौका मिलेगा।
भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) जयपुर के अपर महाप्रबंधक योगेंद्र सिंह गुर्जर ने मंगलवार को बताया कि यह भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन कई प्रकार की सुविधाओं जैसे तृतीय श्रेणी इकॉनमी वातानुकूलित कोच, आधुनिक किचन-कार, बायो -टॉयलेट इत्यादि से सुसज्जित होगी। यात्रियों की सुविधाओंएवं बजट के अनुसार यात्रा को दो श्रेणियों स्टैण्डर्ड एवं कंफर्ट केटेगरी में विभाजित किया गया है।
स्टैण्डर्ड केटेगरी का मूल्य 27 हजार 890 रुपये रखा गया है, जिसमे एसी ट्रेन यात्रा, रात्रि विश्राम के लिए नॉन- एसी आवास तथा लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए नॉन- एसी बसों की व्यवस्था रहेगी। कंफर्ट केटेगरी का मूल्य 32 हजार 65 रुपये रखा गया है, जिसके तहत एसी ट्रेन के साथ रात्रि विश्राम के लिए एसी आवास एवं लोकल ट्रांसपोर्ट के लिए एसी बसों की सुविधा मिलेगी।
यह यात्रा नौ मई को श्रीगंगानगर से रवाना होकर 11 मई को गया पहुंच जाएगी, जहां यात्रियों को महाबोधी मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर के दर्शन कराये जायेंगे, दर्शन के पश्चात ट्रेन पुरी के लिए रवाना होगी। बारह मई को ट्रेन पुरी पहुंच जाएगी, जहां यात्रियों को जगन्नाथ धाम के दर्शन कराये जायेंगे एवं रात्रि विश्राम पुरी में रहेगा। तेरह मई कोणार्क के सूर्य मंदिर के दर्शन के पश्चात ट्रेन कोलकाता के लिए रवाना होगी। चौदह मई को ट्रेन कोलकाता पहुंचेगी एवं यात्रियों को बसों के द्वारा गंगासागर ले जाया जायेगा, जहां यात्री गंगासागर तीर्थ के दर्शन पश्चात रात्रि विश्राम करेंगे। पन्द्रह मई को यात्रियों को कोलकाता ले जाया जायेगा, जहां यात्रियों को काली घाट मंदिर के दर्शन कराये जायेंगे एवं दर्शन पश्चात जसडीह प्रस्थान के लिए स्टेशन ले जाया जायेगा।
सोलह मई को ट्रेन जसडीह पहुंचेगी, जहां यात्रियों को बैधनाथ धाम के दर्शन कराये जायेंगे एवं दर्शन पश्चात वाराणसी प्रस्थान के लिए स्टेशन ले जाया जायेगा। सत्रह मई को ट्रेन वाराणसी पहुंचेगी जहां यात्रियों को काशी विश्वनाथ मंदिर एवं कॉरिडोर, अन्नपूर्णा देवी मंदिर एवं श्रीगंगा आरती के दर्शन कराये जाएंगे। यात्रियों का रात्रि विश्राम वाराणसी में ही होगा।
अठारह मई को ट्रेन वाराणसी से रवाना होकर अयोध्या पहुंचेगी, जहां यात्री नवनिर्मित रामलला मंदिर के साथ हनुमानगढ़ी के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन के बाद ट्रेन रात्रि में 18 मई को ही वापस श्रीगंगानगर के लिए रवाना होगी और यह यात्रा 19 मई को समाप्त होगी।
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