पटना, जून 12 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को 'विश्वास, विकास और जनकल्याण के बारह साल' विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों से जुड़े एक मीडिया संवाद में कहा कि केंद्र सरकार 2047 तक भारत को दुनिया के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बिहार कीसमृद्धि का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
श्री चौधरी ने कहा कि देश में पहले चुनाव 1952 में हुए थे और इसके बाद से आज तक जितने भी प्रधानमंत्री हुए, उनमे प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे लंबे समय तक पद पर रहने का कीर्तिमान बनाया है, जो जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का परिचायक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1950 में भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई थी और तब से उसकी पहचान एक ऐसे दल के रूप में रही है, जो अपने संकल्प पर अडिग रही। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 370 हटाने का संकल्प पुराना है, लेकिन पार्टी उससे पीछे नही हटी और अंततः नरेंद्र मोदी की सरकर ने उसे मूर्त रूप दिया। उन्होंने कहा कि देश हित में 1977 में भारतीय जनसंघ, जनता पार्टी में मिल गई, लेकिन उसकी राजनीतिक सोच में कोई बदलाव नहीं आया।
श्री चौधरी ने कहा कि जब राम मंदिर का मामला सामने आया तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विश्व हिन्दू परिषद तथा सनातन धर्म के समर्थक सभी गुटों से साथ मिलकर काम किया। यह मामला अलग अलग न्यायालयों से होता हुआ सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा और निर्णय पक्ष में आने के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार ने धीरे धीरे एक कमजोर हो चुके राज्य को बेहतर प्रदेश में परिवर्तित किया और बाद में टैक्स प्रणाली तथा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे सुधारों ने अर्थव्यवस्था को ताकत दी। उन्होंने कहा कि जिस बिहार में युवा नौकरी के लिए पलायन करते थे और जहाँ की अर्थव्यवस्था केवल कृषि पर आधारित थी, वहां बड़े पैमाने पर उद्योग लगने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में नई सरकार 20 नवंबर 2025 को आई थी और सरकार एक साल के अंदर पांच लाख करोड़ निवेश की प्राप्ति के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।
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