कोल्हापुर , जून 20 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कांग्रेस पर घुसपैठियों को पनाह देकर 'वोट बैंक की राजनीति' को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत कोई 'धर्मशाला' नहीं है और यहां घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है।

दो दिन के दौरे पर आए श्री शाह ने शनिवार की दोपहर पुलिस परेड ग्राउंड में 'ग्रैंड ग्रैटिट्यूड सेरेमनी' के लिए आयोजित एक जन सभा को संबोधित करते हुए 2014 से पहले की सरकारों द्वारा घुसपैठियों को 'वोट बैंक' बनाने की बात कही। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हाल के चुनावी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि भारत कोई 'धर्मशाला' नहीं है और किसी भी घुसपैठिए को देश में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे को कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ जाने का आरोप लगाया और उस पर घुसपैठियों का समर्थन करने का दावा किया।

उन्होंने महाराष्ट्र में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के समूह को पहले 'शिंदे ग्रुप' बोला जाता था लेकिन अब राज्य में सिर्फ एक शिवसेना है, जिसका नेता श्री शिंदे हैं। उन्होंने श्री महालक्ष्मी देवी मंदिर के विकास का काम पूरा हो जाने के बाद भक्ति के फिर से बढ़ने की बात करते हुए परियोजना को पांच महीने के अंदर पूरा करने की बात कही।

उन्होंने दूसरे धार्मिक ढांचे परियोजना के बारे में बताते हुए सरकार के द्वारा अयोध्या में श्री राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और केदारनाथ-बद्रीनाथ परियोजना को विकसित करने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि श्री महालक्ष्मी देवी मंदिर की विकास योजना को महाराष्ट्र ने आगे बढ़ाकर दिखा दिया है कि शासन सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों के साथ किस तरह खड़ा होता है।

श्री शाह ने श्री अंबाबाई मंदिर विकास योजना की लॉचिंग पर परोक्ष रूप से शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 'शिवसेना प्रमुख' बोल दिया, जिसने राजनीतिक राजनीतिक तौर पर सबका ध्यान आकर्षित किया। गौरतलब है कि शिवसेना नेतृत्व में चल रहे विवाद और तथाकथित 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के पाला बदलने की खबरों के बाद हाल ही में हुए राजनीतिक मंथन की पृष्ठभूमि में इस टिप्पणी को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, "पहले हम इसे शिंदे ग्रुप कहते थे लेकिन अब कोई ग्रुप नहीं बचा है। अब सिर्फ एक शिवसेना है और यह पूरी तरह से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में है।" श्री शाह के बयान ने शिवसेना (यूबीटी) के एक और बंटवारे पर मुहर लगा दी है।

गौरतलब है कि श्री शाह के इस बयान को न सिर्फ श्री शिंदे की सराहना के तौर पर देखा जा रहा है बल्कि पार्टी के नेतृत्व को लेकर चल रहे राजनीतिक संघर्ष की पृष्ठभूमि में श्री उद्धव ठाकरे पर एक परोक्ष ताना भी माना जा रहा है। उच्चतम न्यायालय की सुनवाई और चुनाव आयोग के फैसले के बाद हालांकि शिंदे गुट को शिवसेना पार्टी का चुनाव चिन्ह 'धनुष और तीर' मिल गया है लेकिन ठाकरे गुट ने शिवसेना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

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