मुंबई , अगस्त 4 -- वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ईयू के सभी देशों का अभूतपूर्व समर्थन है और वे इसे जल्द से जल्द औपचारिक रूप से लागू करने के इच्छुक हैं।

श्री गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के व्यापक हित में हैं और दोनों ओर के किसानों, मछुआरों, सूक्षम, लघु और मझौले उद्योगों, सृजनकार्ताओं , स्टार्टअप इकाइयों, महिला उद्यमियों, निर्माताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए बड़े अवसर खोलता है। वह मुंबई में भारत-ईयू एफटीए पर भारत-बेल्जियम उच्च-स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। ईयू का प्रशासनिक मुख्यालय ब्रुसेल्स ( बेल्जियम ) में हैं और आज के इस सम्मेलन में भारत यात्रा पर आये बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे।

श्री गोयल ने कहा कि इस एफटीए में दोनों पक्षों के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया है और इस पर ढाई दशक की बातचीत के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निर्णायक बातचीत के बाद हुआ है। 'उन्होंने कहा कि ईयू के सभी 27 देश इसके पक्ष में हैं, समर्थन कर रहे हैं और जल्द से जल्द औपचारिकताएं पूरी करके समझौते को लागू करने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा कि उनकी समझ के अनुसार, यूरोपीय संदर्भ में ऐसा सर्वसम्मत समर्थन दुर्लभ है। इसी तरह, भारत में भी हर वर्ग ने इस समझौते का पूरे दिल से समर्थन किया है।'यह समझौता कुल दो अरब लोगों की अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने वाला है जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक चौथाई और विश्व व्यापार में एक तिहाई योगदान करते हैं। भारत-ईयू का सम्मिलित बाजार 24 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर का है।

प्रधानमंत्री वेवर ने कहा कि यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के व्यापार को मजबूत करेगा और कंपनियों, युवा प्रतिभाओं और निवेश के लिए रास्ते खोलेगा, साथ ही दोनों अर्थव्यवस्थाओं को व्यवधानों के खिलाफ अधिक मजबूत बनाएगा। भारत और यूरोप के बीच एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिकल कड़ी के रूप में एंटवर्प-ब्रूजेस बंदरगाह का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि एफटीए हीरा, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल्स, समुद्री सेवाओं, ग्रीन हाइड्रोजन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में अवसर पैदा करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 95 प्रतिशत से अधिक भारतीय और यूरोपीय वस्तुओं के निर्यात पर टैरिफ खत्म या कम कर दिए जाएंगे।

श्री गोयल ने कहा कि भारत और बेल्जियम रत्न और आभूषण, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, रक्षा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और कृषि व खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा सकते हैं।

पिछले दशक में भारत-ईयू व्यापार दोगुना होकर लगभग 140 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया है।

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