नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- पीबी फिनटेक के जॉइंट ग्रुप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सरबवीर सिंह ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट राजकोषीय अनुशासन पर आधारित है और यह स्पष्ट संकेत देता है कि भारत के विकास का अगला चरण पूंजी-समर्थित तथा सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई)-प्रेरित होगा।

उन्होंने कहा कि बजट में मजबूत संरचनात्मक सुधारों के साथ-साथ जन-केंद्रित दृष्टिकोण भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।

श्री सिंह के अनुसार, सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का निरंतर प्रयास बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए मजबूत तथा पूर्वानुमेय मांग की पाइपलाइन तैयार करेगा। वहीं, 10,000 करोड़ रुपये के एमएसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आवश्यक फंडिंग और तरलता सहायता मिलेगी, जिससे विस्तार और रोजगार सृजन को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि विदेशी निवासियों के लिए निवेश सीमा को बढ़ाकर 24 प्रतिशत किये जाने से भारतीय पूंजी बाजारों में निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी और दीर्घकालिक पूंजी प्रवाह को मजबूती मिलेगी। 'विकसित भारत' के लक्ष्य के तहत बैंकिंग क्षेत्र पर प्रस्तावित उच्च स्तरीय समिति को उन्होंने अधिक निवेश-आधारित और वैश्विक रूप से एकीकृत अर्थव्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।

श्री सिंह ने मोटर दुर्घटना मुआवज़े को कर-मुक्त करने के फैसले को बीमा व्यवस्था को अधिक मानवीय और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि सरल किये गये कर-फाइलिंग मानदंड अनुपालन को आसान बनाएंगे और 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' को और सुदृढ़ करेंगे। साथ ही, स्वयं सहायता आधारित उद्यमियों पर विशेष फोकस से महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों और जमीनी स्तर की उद्यमिता को नयी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित