नयी दिल्ली , सितंबर 02 -- रेटिंग फर्म क्रिसिल लिमिटेड की ताज़ा "मैक्रइकोनोमिक्स" रिपोर्ट में कहां गया है कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के चालू खाता का घाटा (कैड) बढ़ कर सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी ) के 1.5 प्रतिशत के स्तर पर जायेगा।पिछले वित्त वर्ष में यह जीडीपी के 0.6 प्रतिशत पर था।

वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कैड थोड़ा बढ़कर 4.2 अरब डॉलर (जीडीपी के 0.5 प्रतिशत के बराबर) हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 3.4 अरब डालर (जीडीपी का 0.4 प्रतिशत) था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वस्तु व्यापार में घाटा 68.9 अरब डॉलर से बढ़कर 86.1 अरब डॉलर हो गया, क्योंकि जिंस की ऊंची कीमतों के कारण आयात खर्च तेजी से बढ़ गया, जो निर्यात में वृद्धि से कहीं ज़्यादा था।

सेवाओं के व्यापार में बचत ज़्यादा होने से वास्तु व्यापार घाटे में वृद्धि के प्रभाव की कुछ हद तक भरपाई हुई।

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