इंदौर , जनवरी 19 -- भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने विराट कोहली के बैटिंग टेम्परमेंट की तारीफ करते हुए कहा है कि स्टार बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक खेलने के बजाय स्थिति के अनुसार अपने खेल को बदलने की क्षमता रखते हैं।

इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे के बाद जियोस्टार पर बातचीत में गावस्कर ने कहा कि कोहली की मानसिकता उन्हें कई समकालीन खिलाड़ियों से अलग बनाती है। गावस्कर ने कहा, "उनके बारे में खास बात यह है कि वह किसी इमेज से बंधे नहीं हैं। बहुत से बल्लेबाज और गेंदबाज इस बात से बंधे होते हैं कि उन्हें कैसे देखा जाता है और उन्हें लगता है कि उन्हें उस इमेज पर खरा उतरना होगा। विराट ऐसे नहीं हैं। वह अपने काम पर ध्यान देते हैं और वह काम रन बनाना है।"गावस्कर ने कहा, "वह इस बात की उम्मीदों से बंधे नहीं हैं कि उन्हें कैसे खेलना चाहिए। वह स्थिति के अनुसार खेलते हैं। यही टेम्परमेंट महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह देखते हुए कि दबाव में भी हार न मानने का कोहली का रवैया उनका एक खास गुण है जो कि उन्हें अन्य से भिन्न बनाता है।

कोहली पर यह टिप्पणी सीरीज के निर्णायक मैच में 108 गेंदों पर 124 रन की उनकी शानदार पारी के बाद आई है। न्यूजीलैंड ने यह मैच 41 रन से जीतकर ऐतिहासिक 2-1 से वनडे सीरीज जीत ली जो कि 37 साल के इंतजार के बाद भारतीय धरती पर यह उनकी पहली सीरीज जीत थी।

उन्होंने कहा, "आखिर तक भी वह कोशिश कर रहे थे। शायद दस्ताने थोड़े पसीने से गीले हो गए, ग्रिप थोड़ी ढीली हो गई, और इसीलिए बल्ले का मुंह घूम गया।"उन्होंने युवा क्रिकेटरों के लिए कोहली के इस रवैये को एक सबक के तौर पर भी बताया, और उनसे कहा कि वे पहले से बनी उम्मीदों के बजाय मैच की स्थितियों पर ध्यान दें।

गावस्कर ने ऑलराउंडर हर्षित राणा की निचले क्रम की बल्लेबाजी की भी तारीफ की और लक्ष्य का पीछा करने के अहम चरण में उनकी भूमिका की स्पष्टता की सराहना की। राणा ने 43 गेंदों पर 52 रन की जवाबी हमलावर पारी खेली और कोहली के साथ 99 रन की साझेदारी की, जिससे कुछ समय के लिए भारत की उम्मीदें फिर से जगीं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित