नयी दिल्ली , मार्च 06 -- केरल से राज्यसभा सांसद और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नेता पी. संदोष कुमार ने भारत की संप्रभु विदेश नीति और अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की हालिया टिप्पणियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शुक्रवार को पत्र लिखकर चिंता जताई।

श्री कुमार ने कहा कि भारत जैसे संप्रभु देश के लिए यह स्थिति चिंताजनक और अपमानजनक है कि उसे अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए किसी अन्य देश की "अनुमति" या "छूट" पर निर्भर बताया जाए। पत्र में सांसद ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, विशेष रूप से ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष के बीच भारत की विदेश नीति को अपने पारंपरिक सिद्धांतों, गुटनिरपेक्षता, रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता के सम्मान पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में यह धारणा बनी है कि भारत अपनी स्वतंत्र रणनीतिक प्राथमिकताओं के बजाय अमेरिका और इज़रायल के हितों के साथ अधिक तालमेल बिठा रहा है।

श्री कुमार ने पत्र में अमेरिका के वित्त मंत्री बेसेंट के उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट देने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान से यह संदेश जाता है कि भारत की ऊर्जा नीतियां अमेरिकी मंजूरी पर निर्भर हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इस मुद्दे को उचित कूटनीतिक मंचों पर मजबूती से उठाया जाए और स्पष्ट किया जाए कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति के फैसले केवल राष्ट्रीय हितों के आधार पर ही लिए जाएंगे।

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