नयी दिल्ली , जनवरी 31 -- सरकार ने विश्व आर्द्रभूमि दिवस से एक दिन पहले आज रामसर नेटवर्क में दो नई आर्द्रभूमियों को शामिल करने की घोषणा की है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के एटा जिले में स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और गुजरात के कच्छ जिले में स्थित छारी-ढांड को रामसर स्थलों की सूची में शामिल किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव की पोस्ट का जवाब देते हुए एक्स पर पोस्ट किया। श्री मोदी ने श्री यादव की इस घोषणा पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा "यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि एटा (उत्तर प्रदेश) में स्थित पटना पक्षी अभयारण्य और कच्छ (गुजरात) में स्थित छारी-ढांड को रामसर स्थल के रूप में शामिल किया गया है। वहां के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ आर्द्रभूमि के संरक्षण के प्रति समर्पित सभी लोगों को हार्दिक बधाई। ये पहचान जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं। आशा है कि ये आर्द्रभूमियां असंख्य प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में फलती-फूलती रहेंगी।"श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत के रामसर नेटवर्क का विस्तार 276 प्रतिशत से अधिक हुआ है, जो 2014 में 26 स्थलों से बढ़कर वर्तमान में 98 स्थल हो गया है। यह आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय मान्यता पर्यावरण संरक्षण और आर्द्रभूमि के संरक्षण के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ये दोनों आर्द्रभूमि सैकड़ों प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रजातियों को आवास प्रदान करती हैं। इन क्षेत्रों में चिंकारा, भेड़िये, काराकल, रेगिस्तानी बिल्लियाँ और रेगिस्तानी लोमड़ियाँ जैसे वन्यजीवों के साथ-साथ लुप्तप्राय पक्षी भी पाए जाते हैं।

गौरतलब है कि ईरान के रामसर में 1971 में हस्ताक्षरित 'आर्द्रभूमि पर सम्मेलन' (रामसर सम्मेलन) के अनुबंधित पक्षों में से एक है। भारत 1 फरवरी 1982 को इस सम्मेलन का हस्ताक्षरकर्ता बना। विशेष संरक्षण महत्व वाले आर्द्रभूमि क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय महत्व के आर्द्रभूमि क्षेत्रों के रूप में नामित किया जा सकता है। ये स्थल महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत ढाँचों के अंतर्गत संरक्षण और प्रबंधन के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता के आदर्श उदाहरण के रूप में कार्य कर सकते हैं।

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