अगरतला , फरवरी 16 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने भरोसा जताया है कि 2030 तक भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में तीसरे स्थान पर पहुंच जायेगा और देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा के मुख्य स्रोत युवा तथा छात्र बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की ओर से आयोजित आदिवासी छात्र सम्मेलन को संबोधित करते हुए सबको साथ लेकर चलने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर दिया और स्थानीय एवं अल्पसंख्यक भाषाओं के विकास को बढ़ावा देने की कोशिशों का जिक्र किया।
त्रिपुरा के भविष्य की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में छात्रों की भारी मौजूदगी राज्य में अच्छे बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि 18 से 35 साल के युवा भारत के भविष्य को दिखाते हैं। यह आबादी का 65 प्रतिशत है, जो सुरक्षा, सामाजिक-आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में देश की तरक्की के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना का केंद्र है।
त्रिपुरा के राजनीतिक इतिहास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में कम्युनिस्ट दौर में विद्यालय-महाविद्यालय हिंसा और अस्थिरता से भरे थे, जहां छात्रों को पढ़ाई से हटाकर राजनीतिक आंदोलनों में हिस्सा लेने के लिए भेज दिया जाता था, जिससे पीढ़ियों को काफी नुकसान हुआ।
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