नयी दिल्ली , अक्टूबर 21 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि भारत की तीव्र प्रगति से बौखलाई विदेशी और कुछ स्वदेशी राष्ट्र विरोधी शक्तियां देश को अस्थिर करने का षडयंत्र रच रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विजयादशमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिये गये संदेश का उल्लेख किया और कहा कि इन शक्तियों का मुख्य उद्देश्य सत्ता में लूट मचाना, समाज में फूट डालना और सनातन धर्म तथा भारतीय संस्कृति का विनाश करने के लिए 'रिजीम चेंज' (तख्तापलट) करना है। रावण के दस सिरों की भांति ईवीएम, भारतीय जीवन बीमा (एलआईसी), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) रोज नये भ्रामक मुद्दे उठाकर देश के विकास मार्ग को अवरुद्ध करने वाली इन छद्म वेशधारी आसुरी शक्तियों की वास्तविकता को पहचानना अत्यंत आवश्यक है, इसलिए देश के हर नागरिक को जागरूक होकर अपने ही घर में छिपे हुए इन गद्दारों से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में भारत जिस गति, शक्ति और दिशा से प्रगति की राह पर बढ़ते हुए संपूर्ण विश्व में अपना प्रभावी स्थान बना रहा है, वह अनेक शक्तियों को रास नहीं आ रहा है। वे शक्तियां देश के बाहर भी हैं और देश के अंदर भी। दोनों ही शक्तियों में एक दुरभिसंधि (षडयंत्र) बहुत स्पष्ट दिखाई पड़ रही है। इस समय संपूर्ण विश्व और यूरोप में भी जो कुछ दिखाई पड़ रहा है, वह इस विषय के बारे में और अधिक स्पष्ट चित्र देश के हर नागरिक के मन में स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विजयादशमी के दिन एक बहुत स्पष्ट संदेश पूरे देश को दिया है कि इस समय जो शक्तियां भारत को अस्थिर करने में लगी हैं, उनके तीन मुख्य आधार हैं- पहला सत्ता में आने पर लूट, दूसरा समाज में फूट और तीसरा भारतीय संस्कृति तथा धर्म से घृणा।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उन शक्तियों का लक्ष्य समाज में फूट डालना, सत्ता में लूट मचाना है। उनके दिल में भारतीय संस्कृति एवं हिंदू धर्म के प्रति नफरत है। ये वही लोग हैं जो सनातन धर्म के उन्मूलन के लिए सम्मेलन करते हैंऔर वैश्विक स्तर पर 'डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व' के अभियान को लेकर चलते हैं। वे भारत की हर संस्था के बारे में भ्रामक प्रचार करते हैं। उन्होंने त्योहारों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये भारत के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। गत वर्ष नवरात्रि से लेकर दीपावली और छठ पूजा तक लाखों करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था और इस बार उससे भी अधिक होने की संभावना है।

डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो बात याद दिलाई है, उसे देशवासियों को ध्यान में रखना चाहिए कि ये वे शक्तियां हैं जो भारत को आगे नहीं आने देना चाहती हैं। उदाहरण के रूप में इनकी मांग कभी वास्तविक नहीं होती है। कभी ये कहेंगे कि एलआईसी गड़बड़ है, कभी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में, कभी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), सेबी , वैक्सीन, ईवीएम या चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ बताएंगे। उन्होंने विजय दशमी का संदर्भ देते हुए कहा कि जैसे रावण के दस सिर थे और एक सिर कटने पर दूसरा प्रकट हो जाता था, वैसे ही इनकी एक मांग पूरी होने पर दूसरी मांग खड़ी हो जाती है। इसका मूल कारण उसकी नाभि में है।

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