नयी दिल्ली , फरवरी 11 -- केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि पूर्वी तटीय क्षेत्र केंद्रीय बजट में परमाणु और समुद्री योजना में प्रमुख भूमिका निभाएगा।
डॉ. सिंह ने एक बैठक के दौरान ओडिशा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा से कहा, "पूर्वी तटीय क्षेत्र वर्तमान बजट के परमाणु और समुद्री रोडमैप के एक प्रमुख हिस्से के रूप में उभरा है। ओडिशा राज्य को देश भर में घोषित चार रेयर अर्थ कॉरिडोर में से एक मिल रहा है, जबकि गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए किए गए प्रावधान भी गेम-चेंजर साबित होने वाले हैं।"डॉ. सिंह ने पूर्वी तटीय योजना में ओडिशा की रणनीतिक भूमिका पर जोर देते हुए कहा, "विकसित हो रही पूर्वी तटीय रणनीति में ओडिशा का केंद्रीय स्थान होगा जो समुद्री संसाधनों, खनिज गलियारों, परमाणु एवं अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे और जीवन विज्ञान (लाइफ सांइस) अनुसंधान को एक साथ लाता है।"केंद्रीय मंत्री ने समुद्र के विकास के लिए समन्वित दृष्टिकोण पर कहा, "पहली बार, समन्वित संस्थागत प्रयासों के माध्यम से समुद्री संसाधनों का व्यवस्थित रूप से उपयोग किया जा रहा है, जिसमें केंद्रीय संस्थान समुद्र से संबंधित कार्यक्रमों को लागू करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।"वार्ता में मछली पालन सुधारों के जरिये तटीय समुदायों के कल्याण पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। डॉ. सिंह ने टिप्पणी की कि गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के प्रावधान और नियामक सुधार ओडिशा की अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम-चेंजर' होने जा रहे हैं।
चर्चा में दोनों नेताओं ने दुर्लभ मृदा (रेयर अर्थ) और परमाणु खनिजों में राज्य की क्षमता पर भी विचार किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा पारंपरिक क्षेत्रों (दक्षिणी राज्यों) से परे इन खनिजों के अन्वेषण में विस्तार 'ओडिशा के लिए नये अवसर खोलता है' और राज्य को 'वर्तमान बजटीय आवंटन एवं राष्ट्रीय पहलों' से लाभ उठाने की स्थिति में लाता है।
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