कडप्पा , जुलाई 03 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि जेएसडब्ल्यू स्टील, आर्सेलर मित्तल के बड़े निवेश एवं विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र के पुनरुत्थान के साथ आंध्र प्रदेश भारत का अगला इस्पात पावरहाउस बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सज्जन जिंदल तथा केंद्रीय मंत्री बी. श्रीनिवास वर्मा के साथ जम्मलमडुगु विधानसभा क्षेत्र के सुन्नापुरल्लापल्ले में जेएसडब्ल्यू रायलसीमा इस्पात संयंत्र में निर्माण कार्यों का शुभारंभ किया। उन्होंने जेएसडब्ल्यू नियो सौर उर्जा कैप्टिव पावर परियोजना के कार्यों का शुभारंभ किया साथ ही वर्चुअल माध्यम से विजयनगरम जिले में जेएसडब्ल्यू औद्योगिक पार्क के कार्यों का भी शुभारंभ किया।

रायलसीमा इस्पात संयंत्र को दो चरणों में विकसित किया जायेगा जिसमें 16,350 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 20 लाख टन होगी। इस्पात संयंत्र और इसके साथ जुड़ी कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना से कुल 2,700 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

इस्पात संयंत्र को हरित ऊर्जा की आपूर्ति करने के लिए जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी 20,350 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ 3,850 मेगावाट की सौर एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करेगी। कंपनी विजयनगरम जिले में 531 करोड़ रुपये के निवेश से 1,166 एकड़ में अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क भी विकसित कर रही है जो उद्योगों के लिए प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना उपलब्ध करायेगा।

इस मौके पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि रायलसीमा क्षेत्र बागवानी, दुर्लभ खनिजों, स्वर्ण खनन, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रक्षा विनिर्माण, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हरित ऊर्जा का केंद्र बन गया है।

श्री नायडू ने कहा कि आगामी संयंत्र पूरी तरह हरित ऊर्जा का उपयोग करके इस्पात का उत्पादन करेगा और याद किया कि उनकी पिछली सरकार ने वित्तीय संकट के दौरान विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र को सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र से 11,440 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की थी। उन्होंने गांडीकोटा से 15 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से इस्पात संयंत्र को दो टीएमसी पानी की आपूर्ति का आश्वासन दिया, साथ ही सड़क, रेल एवं बंदरगाह संपर्क तथा उच्च गुणवत्ता वाले स्थानीय लौह अयस्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी बात की।

उन्होंने घोषणा की कि मदनपल्ले में वैश्विक बागवानी हब का शुभारंभ 15 अगस्त से पहले किया जायेगा जबकि रायलसीमा के बागवानी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए पूर्वोदय कार्यक्रम के अंतर्गत 40,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा जिसके साथ निजी क्षेत्र से 60,000 करोड़ रुपये का निवेश भी होगा।

जेएसडब्ल्यू समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सज्जन जिंदल ने घोषणा की कि कंपनी रायलसीमा इस्पात संयंत्र की प्रारंभिक 20 लाख टन वार्षिक क्षमता का विस्तार करने की योजना बना रही है तथा आंध्र प्रदेश में लगभग 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी जिससे लगभग 50,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

कार्यक्रम में मंत्री एस. सविता, गोट्टिपाटी रवि कुमार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पी. वी. एन. माधव और विधायक आदिनारायण रेड्डी भी शामिल थे।

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