जयपुर , अगस्त 24 -- भारत ने गैर जीवाष्म ईंधन क्षमता के लिए 300 गीगावाट की सीमा पार कर ली गयी है और जो देश के कुल बिजली उत्पादन में इसका योगदान 54 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है।
नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश कुलहरि ने आगामी दो से पांच नवंबर को होने वाले विश्व के सबसे बड़े अक्षय ऊर्जा समिट एवं एक्सपो भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरई समिट), 2026 के लिए सोमवार को जयपुर में आयोजित क्षेत्रीय रोड शो की सीरीज में प्रथम रोड शो में कहा कि भारत ने गैर जीवाष्म ईंधन क्षमता के लिए 300 गीगावाट की सीमा आधिकारिक तौर पर पार कर ली है। गत 31 जुलाई तक दर्ज 300.50 गीगावाट उत्पादन के साथ भारत के कुल बिजली उत्पादन में इसका योगदान 54 प्रतिशत से अधिक है, जो वर्ष 2030 के लिए 500 गीगावाट के लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक हासिल कर लिया गया है। नवंबर से पहले देशव्यापी आउटरीच अभियान शुरू करते हुए आयोजित इस प्रथम रोड शो के तहत सरकार, उद्योग और अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों से प्रमुख भागीदार आज जयपुर में एकत्रित हुए।
श्री कुलहरि ने कहा कि भारत का स्वच्छ ऊर्जा की ओर रुख एक साझा राष्ट्रीय मिशन है जो राजस्थान जैसे संसाधन संपन्न राज्यों के नेतृत्व से आगे बढ़ रहा है। हमारी गैर-जीवाष्म ईंधन क्षमता के 300 गीगावाट का आंकड़ा पार कर लेने के बाद इस तरह के क्षेत्रीय रोड शो, राज्यों की क्षमताओं को राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 पूरी मूल्य श्रृंखला को एक ही छत के नीचे लाएगा। यह नीतिगत उद्देश्य को बैंकेबल परियोजनाओं में तब्दील करने, सीमा पार निवेश और प्रौद्योगिकी साझीदारी के लिए एक विश्वस्तरीय प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा।
उद्योग के साथ सहयोग मजबूत करने के लिए जयपुर रोडशो में एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों की भागीदारी बढ़ाना और बीआरईएसई 2026 की रणनीतिक रूपरेखा को प्रदर्शित करना था। इस कार्यक्रम में दो खास फिल्में- भारत की अक्षय ऊर्जा यात्रा और बीआरई समिट एंड एक्सपो 2026 दिखाई गईं जिनमें स्वच्छ ऊर्जी की तरफ बढ़ने के भारत के सफर को दिखाया गया और नई दिल्ली में होने वाले समिट की एक व्यापक झलक दिखाई गयी। आईडब्लूटीएमए के सचिव दिनेश जगदले ने भारत आरई समिट के महत्व पर जोर देते हुए उल्लेख किया कि यह समिट खास तौर पर केंद्र और राज्य सरकारों, निवेशकों, वित्त प्रदाताओं, टेक्नोलॉजी पार्टनर्स और उद्योग संगठन को जोड़ने वाली एक व्यवस्थित बातचीत के लिए डिजाइन किया गया है ताकि भारत की अक्षय ऊर्जा का अगला चरण वैश्विक साझीदारी पर निर्मित हो। डब्लूआईपीपीए के कोषाध्यक्ष एवं यनारा के सीईओ नवीन खंडेलवाल ने इस आयोजन का महत्व बताते हुए कहा कि इस पहले रोडशो के मेजबान के तौर पर डब्लूआईपीपीए इस महत्वपूर्ण आयोजन पूर्व संवाद का स्वागत करता है। पवन ऊर्जा, दिन के समय होने वाले सौर ऊर्जा उत्पादन का पूरक है और यह चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति बनाए रखने में मदद करती है। भारत में बीआरई समिट का आयोजन करना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए हम राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इन्हें आवश्यक व्यावसायिक स्थितियों से जोड़ते हैं।
नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय के वैज्ञानिक पी.के.दास ने रणनीतिक उद्देश्य, मुख्य विषयों और वैश्विक एवं घरेलू कंपनियों के लिए प्रस्तावित भागीदारी रूपरेखा को रेखांकित करते हुए एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके बाद, मूल उपकरण विनिर्माताओं, प्रोजेक्ट डेवलपर्स और निवेशकों के लिए व्यवसाय के अवसरों और कॉमर्शियल इंगेजमेंट मॉडलों पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। साथ ही आधिकारिक बीआरईएसई डिजिटल पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन का लाइव वॉकथ्रू और प्रदर्शन भी किया गया।
स्वच्छ ऊर्जा क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में से एक राजस्थान विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के जरिए भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक ताकतवर मॉडल है। नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस रोडशो में राजस्थान सरकार, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (आरआरईसीएल), इंडियन विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईडब्लूटीएमए), विंड इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (डब्लूआईपीपीए) और सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स डेवलपर्स एसोसिएशन (एसपीडीए) से प्रतिनिधि शामिल हुए।
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 के साथ साथ इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) असेंबली और चौथी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्रीन हाइड्रोजन (आईसीजीएच) का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें वैश्विक नेता, नीति निर्माता, उद्योग, निवेशक और नवप्रवर्तक एक साझा मंच पर साथ आएंगे। आरआरईसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रोहित गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान परंपरागत सौर प्रणाली से आगे बढ़कर विंड सोलर, हाइब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते हरित ईंधन के लिए एक बहुत अनुकूल निवेश माहौल बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
इस दौरान बताया गया कि जयपुर में आयोजित कार्यक्रम क्षेत्रीय स्तर पर गतिशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए एक देशव्यापी आउटरीच अभियान की सफल शुरूआत का प्रतीक है। आगामी रोडशो आने वाले सप्ताहों में मुंबई, हैदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ, बेंगलुरु और कोलकाता में प्रस्तावित हैं।
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