गोथेनबर्ग (स्वीडन) , मई 18 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और स्वीडन के बीच सुरक्षा, आर्थिक , प्रौद्योगिकी और नवाचार सहित छह क्षेत्रों में हुए समझौतों और घोषणाओं से भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊर्जा और गति मिलेगी।

स्वीडन की यात्रा पर गये श्री मोदी ने रविवार देर रात स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की जिसके बाद दोनों देशों ने छह क्षेत्रों में सहयोग की घोषणा और समझौते किये।

श्री मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विश्वास व्यक्त किया कि भारत-स्वीडन साझेदारी एक अधिक समृद्ध और भविष्य-दृष्टि संपन्न विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान देगी।

उन्होंने कहा ," ये समझौते भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेंगे। मुझे विश्वास है कि भारत-स्वीडन साझेदारी एक अधिक समृद्ध और भविष्य-दृष्टि संपन्न विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान देगी।"इन समझौतों और घोषणाओं के तहत दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत स्थिरता और सुरक्षा के लिए दोनों देश रणनीतिक संवाद करेंगे। उनके बीच अगली पीढी की आर्थिक साझेदारी होगी। प्रोद्योगिकी के क्षेत्र और लोगों के बीच सहयोग को बल मिलेगा ।

दोनों देशों ने भारत-स्वीडन संयुक्त नवाचार भागीदारी 2.0 शुरू करने का भी निर्णय लिया है।

भारत और स्वीडन संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता कॉरिडोर का विकास करेंगे।

उन्होंने अगले पांच वषों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने पर सहमति व्यक्त की है।

स्टार्ट अप और नवाचार को बढावा देने के लिए उन्होंने भारत-स्वीडन एसएमई और स्टार्ट अप प्लेटफार्म के विकास की भी घोषणा की।

दोनों देशों ने विकास भी विरासत श्रृंखला के तहत टैगोर-स्वीडन व्याख्यान भी शुरू करने का निर्णय लिया।

प्रधानमंत्री ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में भारत की सुधारोन्मुख विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और बताया कि यह अवसंरचना, नवाचार, प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में नए अवसर प्रदान कर रही है।

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