नयी दिल्ली , जुलाई 08 -- भारत और म्यांमार ने दीर्घकालिक मित्रता, घनिष्ठ साझेदारी तथा सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता दोहरायी है।
भारत और म्यांमार के बीच दो दिन की 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक बुधवार को यहां संपन्न हुई। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने जबकि म्यांमार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व म्यांमार गृह उप मंत्री मेजर जनरल मिन थू ने किया।
बैठक में दोनों देशों ने अपनी दीर्घकालिक मित्रता, घनिष्ठ साझेदारी तथा दोनों देशों के पारस्परिक हितों के लिए सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता के महत्व की पुनः पुष्टि की। भारतीय ने कहा कि उसकी पड़ोसी प्रथम , एक्ट ईस्ट तथा महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र प्रगति) नीतियों में म्यांमार का महत्वपूर्ण स्थान है।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर व्यापक और रचनात्मक चर्चा की तथा द्विपक्षीय संवाद तंत्रों के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, वन्यजीव तस्करी, साइबर अपराध तथा अन्य प्रकार के संगठित अपराधों सहित अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने में सहयोग पर विचार-विमर्श किया। दोनों पक्षों ने खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और परिचालन समन्वय को बढ़ाने तथा साझा सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए क्षमता निर्माण संबंधी पहल करने पर भी सहमति व्यक्त की।
दोनों पक्षों ने भारत-म्यांमार सीमा पर वर्तमान सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की तथा सीमा पर शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व की पुनः पुष्टि की। दोनों पक्षों ने इस बात पर बल दिया कि किसी भी देश की संप्रभु भूमि का उपयोग उनकी सुरक्षा के प्रतिकूल गतिविधियों के लिए न होने दिया जाये। म्यांमार पक्ष ने आश्वासन दिया कि उसकी भूमि का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के विरुद्ध नहीं होने दिया जायेगा।
उन्होंने कलादान बहु-माध्यम पारगमन परिवहन परियोजना तथा भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग को शीघ्र पूरा करने की दिशा में निकट सहयोग से कार्य करने के महत्व को साझा किया।
दोनों पक्षों ने बैठक के परिणामों पर संतोष व्यक्त किया तथा मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों, नियमित आदान-प्रदान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और पारस्परिक रूप से सहमत निर्णयों के कार्यान्वयन के माध्यम से संबंधित एजेंसियों के बीच सुरक्षा मामलों पर घनिष्ठ संपर्क और सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
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