नयी दिल्ली , मार्च 05 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि भारत और फिनलैंड के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत बनाने की अपार संभावनाएं हैं। श्रीमती मुर्मु ने भारत यात्रा पर आये फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ गुरुवार को यहां राष्ट्रपति भवन में मुलाकात के दौरान यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रपति स्टब का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष के रायसीना डॉयलाग में मुख्य अतिथि के रूप में उनकी उपस्थिति भारत के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समकालीन वैश्विक स्थिति पर उनके विचार सभी प्रतिभागियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और उपयोगी होंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत फिनलैंड को एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखता है, और दोनों देशों के बीच संबंध पारस्परिक विश्वास तथा साझा लोकतांत्रिक परंपराओं पर आधारित हैं।
दोनों नेताओं ने सहमति व्यक्त की कि हाल के वर्षों में भारत-फिनलैंड संबंध नवाचार, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, शिक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे प्रमुख स्तंभों के आधार पर एक गतिशील साझेदारी के रूप में विकसित हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि हाल ही में घोषित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति प्रदान करेगा।
श्रीमती मुर्मु ने कहा कि फिनलैंड क्वांटम तकनीक से लेकर 6 जी तक अत्याधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों में वैश्विक अग्रणी है। उन्होंने विकसित भारत की यात्रा में फिनलैंड की कंपनियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई भारतीय कंपनियाँ फिनलैंड में सक्रिय हैं और हजारों भारतीय, विशेषकर आईटी पेशेवर, फिनलैंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह स्थिति इन क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच गहरे सहयोग की अपार संभावनाएँ प्रदान करती है।
राष्ट्रपति ने सतत विकास और स्वच्छ प्रौद्योगिकियों में फिनलैंड की नेतृत्वकारी भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने भी जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है-जिसमें सौर और पवन ऊर्जा क्षमता का विस्तार, हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा देना, ऊर्जा दक्षता में सुधार तथा अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन जैसे मंचों की शुरुआत शामिल है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित