नयी दिल्ली , जुलाई 09 -- भारत और आस्ट्रेलिया ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए रक्षा, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा, असैन्य परमाणु सहयोग, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, संस्कृति और हरित ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में 18 समझौते हस्ताक्षर किये हैं।
आस्ट्रेलिया यात्रा पर गये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके आस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज के बीच गुरुवार को तीसरे भारत-आस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन के बाद ये निर्णय लिये गये।
इन समझौतों में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा, समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप, ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त वक्तव्य, भारत-ऑस्ट्रेलिया असैन्य परमाणु समझौते के प्रशासनिक प्रबंध को अंतिम रूप देना तथा साइबर, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति शृंखलाओं पर भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी शामिल हैं।
दोनों देशों ने भारतीय तटरक्षक बल और ऑस्ट्रेलिया की मैरिटाइम बॉर्डर कमान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये, 2028-29 में ऑस्ट्रेलियन डिफेंस कॉलेज में भारतीय सैन्य प्रशिक्षक की तैनाती की घोषणा की तथा खनन कौशल, व्यावसायिक शिक्षा, भू-विज्ञान, पारंपरिक ज्ञान, वैज्ञानिक अनुसंधान, फिल्म शिक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े समझौतों को भी अंतिम रूप दिया। ऑस्ट्रेलिया ने फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय को बेंगलुरु में परिसर स्थापित करने के लिए आशय पत्र तथा विक्टोरिया विश्वविद्यालय को गुरुग्राम में परिसर स्थापित करने के लिए स्वीकृति पत्र सौंपा।
इसके अलावा तीन अन्य समझौतों में भारतीय प्राचीन कलाकृतियों की स्वदेश वापसी, पंडित दीनदयाल ऊर्जा विश्वविद्यालय, गांधीनगर में रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग अकादमी का संचालन शुरू करना तथा ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी एवं नवाचार साझेदारी के तहत एक समझौता ज्ञापन भी शामिल है।
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