नयी दिल्ली , फरवरी 21 -- भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच मजबूत साझेदारी तथा साझा संकल्प को सुदृढ़ करने की भावना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास 'वज्र प्रहार' का 16वां संस्करण सोमवार से हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित स्पेशल फोर्स ट्रेनिंग स्कूल में शुरू होगा। यह उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय अभ्यास जटिल परिचालन माहौल में परस्पर कार्यक्षमता, सामरिक समन्वय और युद्धक तत्परता को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है और यह 15 मार्च तक चलेगा।

सेना ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "यह अभ्यास रक्षा सहयोग को गहरा करने, परस्पर कार्यक्षमता और संयुक्त परिचालन तत्परता को बढ़ाने तथा उन्नत विशेष अभियानों की रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान के लिए तैयार किया गया है। कठोर और यथार्थपरक परिदृश्यों में प्रशिक्षण के माध्यम से दोनों दल आपसी विश्वास और परिचालन समन्वय को मजबूत करेंगे। "पोस्ट में कहा गया है कि इसका उद्देश्य श्रेष्ठ साझेदारियां स्थापित करना और साझा संकल्प को सुदृढ़ करना है।

एक वीडियो में इस अभ्यास को "सामरिक दक्षता का शिखर" बताते हुए दोनों देशों के सैनिकों को विभिन्न चरणों में उच्च-तीव्रता वाले अभ्यासों में भाग लेते हुए दिखाया गया है।

अभ्यास 'वज्र प्रहार' का 15वां संस्करण नवंबर 2024 में अमेरिका के इडाहो स्थित ऑर्चर्ड कॉम्बैट ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित किया गया था। इससे पहले जारी एक बयान में रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य विशेष अभियानों की रणनीतियों के आदान-प्रदान, संयुक्तता और परस्पर कार्यक्षमता को बढ़ाकर भारत और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को प्रोत्साहित करना है।

मंत्रालय ने कहा था, "यह अभ्यास संयुक्त विशेष बल अभियानों के संचालन में संयुक्त क्षमताओं को सुदृढ़ करेगा। अभ्यास में उच्च स्तर की शारीरिक क्षमता, संयुक्त योजना और संयुक्त सामरिक अभ्यासों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।"'वज्र प्रहार' अभ्यास दोनों पक्षों को संयुक्त विशेष बल अभियानों के संचालन के लिए अपनी सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों को साझा करने का अवसर देगा। मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास दोनों देशों के सैनिकों के बीच परस्पर कार्यक्षमता, सौहार्द और भाईचारे की भावना को विकसित करने में भी सहायक होगा।

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