नयी दिल्ली , जनवरी 26 -- नयी दिल्ली में मंगलवार को आयोजित होने वाले 16वें ईयू-भारत शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होने की उम्मीद है, जो दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सप्ताहांत में नयी दिल्ली पहुंचे। वे शिखर सम्मेलन के साथ-साथ भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में 'मुख्य अतिथि' के रूप में शामिल होने आये हैं। यह पहली बार है जब ईयू नेतृत्व को भारत की गणतंत्र दिवस परेड में यह सम्मान दिया गया है।

नयी दिल्ली में 16वें ईयू-भारत शिखर सम्मेलन में एंटोनियो कोस्टा और उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।

श्री कोस्टा ने कहा, "भारत यूरोपीय संघ के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार है। हम साथ मिलकर नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करने की क्षमता और जिम्मेदारी साझा करते हैं।" उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन ईयू-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा व्यापार, सुरक्षा और रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण तथा लोगों के बीच आपसी सहयोग जैसे प्रमुख नीतिगत क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।

यह शिखर सम्मेलन हाल के वर्षों में ईयू-भारत संबंधों में आई 'सकारात्मक गति और सभी क्षेत्रों में निरंतर उच्च स्तरीय जुड़ाव' की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है।

अक्टूबर 2025 में, यूरोपीय संघ की परिषद ने नए रणनीतिक ईयू-भारत एजेंडे और ईयू-भारत संबंधों को आगे विकसित करने के इसके उद्देश्य का समर्थन किया था।

इस शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों के नेता क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के ज्वलंत मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें एक प्रभावी बहुपक्षीय प्रणाली बनाए रखने के महत्व, एक स्वतंत्र और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा यूक्रेन- रूस युद्ध एवं मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है।

यह उच्च-स्तरीय जुड़ाव यूरोपीय संघ और भारत के बीच गहरी होती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। ये दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां बढ़ते जटिल वैश्विक परिदृश्य के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करना चाहती हैं। दोनों पक्षों ने मंगलवार के शिखर सम्मेलन के परिणामों और अपने भविष्य के संबंधों को लेकर गहरा उत्साह व्यक्त किया है।

इस व्यापार समझौते को 'सबसे बड़े व्यापारिक समझौते' के रूप में वर्णित किया गया है, जो यूरोपीय संघ और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देगा। इस मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत मूल रूप से 2007 में शुरू हुई थी, जो बाद में रुक गई थी। दोनों पक्षों के निरंतर राजनयिक प्रयासों के बाद 2022 में इसे फिर से शुरू किया गया।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार और आर्थिक सुरक्षा के लिए ईयू आयुक्त मारोस सेफकोविच के साथ अपनी बैठक के बाद सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई। दोनों अधिकारियों ने पिछले एक साल में दस बार व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है, जो इन वार्ताओं की तीव्रता और महत्व को दर्शाता है।

श्री सेफकोविच ने पिछले साल को संभवतः अपने सबसे व्यस्त व्यापारिक जुड़ाव के रूप में वर्णित किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों पक्ष अपनी एफटीए वार्ताओं के समापन के करीब हैं।

व्यापार के अलावा, शिखर सम्मेलन के एजेंडे में सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। नेताओं द्वारा एक संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा अपनाने की उम्मीद है, जो चार प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित होगा- समृद्धि और स्थिरता, प्रौद्योगिकी और नवाचार, सुरक्षा और रक्षा तथा कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दे।

शिखर सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम ईयू-भारत सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को औपचारिक रूप देना होगा। यह ढांचा समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेगा, जो क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए बढ़ते महत्व के क्षेत्र हैं।

दोनों पक्ष भारत और यूरोपीय संघ के बीच छात्रों, मौसमी श्रमिकों, शोधकर्ताओं और अत्यधिक कुशल पेशेवरों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए एक व्यापक मोबिलिटी फ्रेमवर्क स्थापित करने के लिए भी तैयार हैं। इसके अतिरिक्त, एक सूचना सुरक्षा समझौते के संपन्न होने की उम्मीद है, जिससे खुफिया जानकारी साझा करने में मदद मिलेगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित