नयी दिल्ली , फरवरी 07 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के बाद बोइंग जैसी दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत में विमानों के कल-पुर्जों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित होंगी।

श्री गोयल ने इस करार को लेकर विशेष रूप से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, "बोइंग पहले से ही भारत से विमानों के हिस्सों की सबसे बड़ी खरीदार है। एयरबस भी भारत से बड़ी मात्रा में विमानों के हिस्से-पुर्जे खरीदती है।"उन्होंने कहा, "वास्तव में मुझसे कहा गया है कि ये दोनों कंपनियां आगे चलकर अपने विमानों के ओरिजिनल (मौलिक) कल-पुर्जों के विनिर्माण के प्रमुख विदेशी स्रोत के रूप में देख रही हैं।"श्री गोयल ने बताया कि उनकी बोइंग और एयरबस दोनों के निदेश मंडलों के कुछ प्रमुख सदस्यों से बात हुई है। इस बातचीत में वे भारत-अमेरिका भागीदारी को लेकर बहुत उत्साहित दिखे।

श्री गोयल ने कहा, "भारत और अमेरिका के बीच इस करार से इन कंपनियों के साथ संबंध मजबूत ही होंगे।"उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने भारत से विमानों के कई कल-पुर्जों पर आयात शुल्क 50 प्रतिशत कर दिया था।

अमेरिका ने व्यापार समझौते के तहत भारत के ऐसे उत्पादों पर शुल्क को 18 प्रतिशत कर दिया है।

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