चंडीगढ़ , जून 25 -- प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसान एवं सामाजिक संगठनों की एक संयुक्त बैठक गुरुवार को चंडीगढ़ के में आयोजित की गयी। बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लेते हुए देशभर में इस समझौते के खिलाफ संयुक्त आंदोलन चलाने की प्रतिबद्धता जतायी।
बैठक के दौरान विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों पर चर्चा की और इसके विरोध में व्यापक एकता बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने किसान संगठनों की एकता को मजबूत करने संबंधी अपने लिखित सुझाव भी प्रस्तुत किये।
बैठक में मौजूद सभी संगठनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी एक जुलाई को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में विभिन्न किसान मोर्चों और संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा और रणनीति तय की जाएगी।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) द्वारा भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को सौंपे गये पत्र में कहा गया कि किसान संगठनों की व्यापक, मजबूत और टिकाऊ एकता समय की आवश्यकता है। पत्र में कहा गया कि खेती-किसानी पर कॉरपोरेट घरानों और वैश्विक संस्थाओं के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए साझा न्यूनतम कार्यक्रम, नियम-कानून और सिद्धांत तय किए जाने जरूरी हैं।
मोर्चे ने अपने पत्र में किसान संगठनों की एकता के प्रयासों का स्वागत करते हुए कहा कि संगठन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ जनजागरण अभियान में व्यस्त हैं और इस मुद्दे पर अपने घटक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद साझा रणनीति तैयार करेंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र पर पड़ रहे आर्थिक दबावों के खिलाफ संघर्ष को मजबूत बनाने के लिए सभी किसान संगठनों को एक मंच पर लाने के प्रयास जारी रहेंगे। एक जुलाई की बैठक को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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