अमरोहा , जुलाई 21 -- देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अमरोहा में विभिन्न किसान संगठनों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित व्यापार समझौते को रद्द करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने तथा किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी नीतियां किसानों के हितों के प्रतिकूल हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकारों का भी दमन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान के प्रति प्रदेश सरकार का रवैया संतोषजनक नहीं है।

किसान नेताओं ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गजरौला की जनसभा में प्रदेश की सभी बंद चीनी मिलों के संचालन का दावा किया था, जबकि अमरोहा की कुंदन सहकारी चीनी मिल अभी भी बंद है। उन्होंने इस मिल को शीघ्र संचालित करने तथा किसानों से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि यदि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता लागू होता है तो गेहूं, धान, डेयरी और सब्जी उत्पादक किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना था कि सस्ते विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से स्थानीय बाजारों में फसलों के दाम गिरेंगे, जिससे छोटे और सीमांत किसानों के समक्ष आर्थिक संकट गहरा सकता है। उन्होंने सरकार से इस समझौते को निरस्त करने और एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की मांग की।

किसान नेताओं ने कहा कि कृषि क्षेत्र गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है और किसानों की आय से जुड़े मूलभूत मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका आरोप था कि उत्पादन बढ़ाने के नाम पर किसानों पर महंगे कृषि निवेश का बोझ डाला जा रहा है, जबकि उनकी आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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