जयपुर , फरवरी 21 -- राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में आश्वस्त किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों के हितों की पूरी रक्षा की गई है और गेंहू, चावल, मक्का एवं प्रत्येक डेयरी उत्पाद, जिनके उत्पादन में देश आत्मनिर्भर है, उनके आयात की किसी भी सूरत में अनुमति नहीं दी जाएगी वहीं दलहन और तिलहन का रकबा और उत्पादकता बढ़ाकर इनमें भी आत्मनिर्भर बनने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. मीणा शुक्रवार को विधानसभा में कृषि विभाग की अनुदान मांग पर हुई बहस का जवाब दे रहे थे। इसके बाद सदन ने कृषि विभाग की 46 अरब 87 करोड़ 36 लाख 77 हजार रूपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी। इससे पहले उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार इसके लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं से प्रोत्साहन दे रही है लेकिन देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और दलहन-तिलहन की कीमतों में स्थिरीकरण के लिए अमेरिका से इनके कन्ट्रोल्ड आयात किया जाएगा। श्री मोदी देश के कृषि और डेयरी सेक्टर के सभी प्रकार के हितों की सुरक्षा के लिए राष्ट्र के प्रति वचनबद्ध हैं। हम किसान, पशुपालक व आमजन को किसी के बहकावे में नहीं आने देंगे।

उन्होंने कृषि क्षेत्र और किसानों का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि क्षेत्र के उत्थान एवं कृषि अर्थव्यवस्था के विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां और नवाचार कार्यक्रम लागू किए गए हैं, जिनसे दीर्घकालीन लाभ मिलेंगे और वह कृषि उत्पादकता एवं आय बढ़ाने, गुणवत्ता में सुधार करने, लागत में कमी और उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए सतत प्रयासरत है।

डॉ. मीणा ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को समयबद्ध आवश्यक खाद उपब्लध करा रही है। अन्नदाताओं के साथ नकली खाद, बीज, फर्जी फसल बीमा सहित किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होने दी जाएगी। पूर्ववर्ती सरकार के समय हुए घोटालों और अन्य गड़बड़ियों की सख्त जांच कर मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में राजस्थान राज्य भण्डार निगम की टेंडर प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं सामने आई है। अब सरकार एसीबी में प्रकरण दर्ज कराकर जांच कराएगी।

उन्होंने कहा कि किसानो को दुखः दर्द नहीं उठाने दिए जाएंगे। उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार औचक निरीक्षण कर सीज करने सहित सख्त कार्रवाईयां की जा रही हैं। अवैध, अमानक और बिना लाइसेंस के विक्रेताओं के खिलाफ 11 हजार 938 निरीक्षण करते हुए 765 विक्रेताओं को नोटिस, 169 के लाइसेंस निलम्बित, 46 के निरस्त किए गए है। साथ ही, 107 एफआईआर दर्ज कराई गई, जिनमें 28 मामलों में गिरफ्तारी हुई और 16 मामलों में चालान पेश किए गए हैं। साथ ही, 27 फैक्ट्रियों को सीज किया गया है। उन्होंने बताया कि टैगिंग करने वाले आदान विक्रेताओं के लाईसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही हैं।

कृषि मंत्री ने बताया कि बीकानेर में बिना लेबल की दवाईयों के 10 हजार बैग पकड़े हैं। कई स्थानों पर अवधिपार बीज बैग भी जब्त किए गए। बिना अनुसंधान केन्द्र के प्रमाणित बीज उत्पादन के प्रकरणों में भी बड़ी कार्रवाईयां की गई हैं। अब प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा नवीन सीड बिल लाया जा रहा है, अभी इस सम्बंध में स्टेक होल्डर्स से राय ली जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता ही नहीं, जीवनदाता भी है। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पात्र पॉलिसीधारकों को 6 हजार 517 करोड़ रूपये का भुगतान किया है। इनमें पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के बकाया 830 करोड़ रुपए भी हैं। उन्होंने बताया कि फर्जी फसल बीमा क्लेम रोकने के लिए अब कई बैंकों द्वारा अपने स्तर भी टीमें गठित कर जांच की जा रही है।

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