चेन्नई , मार्च 03 -- भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सीआई स्पेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का पहला मल्टी-इमेजिंग सैटेलाइट अमेरिका भेजे जाने के लिए तैयार है, जहां इसे स्पेसएक्स के रॉकेट से प्रक्षेपित किया जाएगा।

कंपनी के सीईओ सुयश सिंह ने कहा, "दुनिया का पहला ऑप्टोएसएआर सैटेलाइट और भारत का सबसे बड़ा निजी तौर पर निर्मित सैटेलाइट लॉन्चपैड की ओर बढ़ रहा है।" करीब 160-170 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह 'दृष्टि'उपग्रह समूह की 10 उपग्रहों की शृंखला का पहला हिस्सा है। सह-संस्थापक प्रणीत मेहता के अनुसार, कंपनी अगले चार वर्षों में अपना पूरा समूह स्थापित करने की योजना बना रही है।

श्री सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि 4.5 वर्षों के अथक प्रयास और 1,642 दिनों की मेहनत के बाद यह उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने असंभव को संभव कर दिखाया।

कंपनी के अनुसार, यह विश्व का पहला मल्टी-सेंसर इमेजिंग सैटेलाइट है, जो सिंथेटिक एपर्चर रडार ( एसएआर) और हाई-रिजॉल्यूशन ऑप्टिकल डेटा को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करता है। इससे हर मौसम और हर समय, यहां तक कि रात और बादलों के दौरान भी स्पष्ट और निर्बाध निगरानी संभव होगी। गैलेक्सआई का दावा है कि स्वदेशी रूप से विकसित ये उपग्रह सरकारों, रक्षा क्षेत्र और उद्योगों को उन्नत भू-स्थानिक विश्लेषण में मदद करेंगे। 'दृष्टि' मिशन की मल्टी-सेंसर क्षमता उपयोगकर्ताओं और विश्लेषकों के लिए डेटा को अधिक सहज और प्रभावी बनाएगी।

पिछले वर्ष अक्टूबर में कंपनी ने बताया था कि उपग्रह के ढांचागत मॉडल का परीक्षण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतर्गत यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (यूआरएससी), में किया गया था। परीक्षण के दौरान एंटीना डिप्लॉयमेंट, रॉकेट के कंपन भार को सहन करने की क्षमता, गुरुत्व केंद्र और जड़त्व आघूर्ण का मूल्यांकन किया गया।

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