जयपुर , जुलाई 29 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारतीय संस्कृति में गुरु के स्थान को सर्वोच्च बताते हुए कहा है कि भारतीय परंपरा में गुरु केवल ज्ञान देने वाला नहीं, अपितु जीवन को सही दिशा देने वाला पथप्रदर्शक माना गया है और इसके मार्गदर्शन से ही व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

श्री शेखावत बुधवार को कमलेशजी महाराज के गायत्री परमार्थ फाउंडेशन द्वारा आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की मनीषा ने सदैव गुरु को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि गुरु ही मनुष्य को सत्य, ज्ञान और जीवन के वास्तविक उद्देश्य का मार्ग दिखाता है।

उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशभर में हजारों स्थानों पर श्रद्धालु अपने-अपने गुरु के प्रति आस्था, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। वे अपने जीवन के दुखों और कठिनाइयों से मुक्ति तथा सही मार्गदर्शन की कामना करते हुए गुरु चरणों में समर्पित होते हैं।

श्री शेखावत ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है, जो गुरु-शिष्य परंपरा की समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है।

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