अगरतला , अप्रैल 11 -- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने लंबे समय से बंद पड़े कैलाशहर हवाई अड्डे की वर्तमान स्थिति का आकलन करने और भविष्य की संभावनाओं को तलाशने के लिए वहां का दौरा किया।

इस टीम में अगरतला हवाई अड्डे के मुख्य सुरक्षा अधिकारी एस के रॉय और उप महाप्रबंधक (विद्युत) रामकेश मीणा के साथ अन्य अधिकारी शामिल थे। उन्होंने जर्जर हो चुके हवाई अड्डा परिसर का निरीक्षण किया और वहां हो चुकी भारी टूट-फूट का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कई इमारतें बदहाल स्थिति में मिलीं, जिनकी छतों में दरार था, खिड़कियां टूटी हुई थीं और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) भवन की ऊपरी मंजिलों पर काफी झाड़-झंखाड़ उग आया था, जिससे इसके ढांचे की मजबूती को लेकर चिंताएं बढ़ गयी हैं।

अपनी समीक्षा के दौरान, अधिकारियों ने मुख्य बिजली आपूर्ति कक्ष का भी जायजा लिया और बिजली व पीने के पानी की सुविधाओं में आ रही दिक्कतों की पहचान की। उन्होंने इन कमियों को दूर करने के लिए जल्द कदम उठाने का वादा किया।

श्री रॉय ने जोर देकर कहा कि इस दौरे का मुख्य मकसद जमीन पर अतिक्रमण या अवैध कब्जे की जांच करना और यह सत्यापित करना था कि क्या राज्य सरकार की योजना के अनुसार हवाई अड्डे को फिर से शुरू करने के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है। इसके अलावा, परिसर की सुरक्षा के लिए खुले क्षेत्रों की घेराबंदी का प्रारंभिक अनुमान भी तैयार किया जा रहा है।

यह दौरा हवाई अड्डे की जमीन पर कथित अतिक्रमण की खबरों के बीच हुआ, जहां खबर है कि स्थानीय युवाओं ने अस्थायी ठिकाने बना लिये थे। सर्वे के बाद, अधिकारियों ने कहा कि आवश्यक मरम्मत कार्य और जमीन पर अतिक्रमण के संबंध में जल्द ही कार्रवाई शुरू की जायेगी, जो भविष्य में हवाई अड्डे को परिचालन के लिए पुनर्जीवित करने की दिशा में संभावित कदम है।

मामले की जांच जारी है।

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