भोपाल , अगस्त 13 -- भारतीय मजदूर संघ ने देश के श्रमिकों, कर्मचारियों और स्कीम वर्कर्स की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा, वेतन सुधार तथा श्रम संहिताओं में संशोधन की मांगों को लेकर 17 अगस्त को एक दिवसीय आंदोलन करने का निर्णय लिया है। संघ ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर श्रमिक हित में विभिन्न मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।

भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में भारतीय मजूदर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि देश के करोड़ों श्रमिक, कर्मचारी और स्कीम वर्कर्स आर्थिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार के हकदार हैं। श्रमिक वर्ग को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार कर निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

भारतीय मजदूर संघ की प्रमुख मांगों में श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करना शामिल है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के तहत चिकित्सा एवं नगद लाभ का दायरा बढ़ाने के लिए मासिक वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग की गई है।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए न्यूनतम ईपीएस पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने तथा इसके साथ परिवर्तनशील महंगाई भत्ता जोड़ने एवं चिकित्सा योजना का लाभ सभी को देने की मांग की गई है। भविष्य निधि (ईपीएफ) में अनिवार्य वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग भी ज्ञापन में की गई है।

संघ ने बोनस की गणना के लिए वर्तमान 7 हजार रुपये की सीमा बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने तथा बोनस पात्रता की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग की है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, एनएचएम और मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि किए जाने की मांग भी रखी गई है।

देश के सभी सार्वजनिक और निजी प्रतिष्ठानों में ठेका एवं कैजुअल आधार पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए समान कार्य के समान वेतन का सिद्धांत कड़ाई से लागू करने की मांग की गई है। केंद्रीय श्रम संहिताओं में भारतीय मजदूर संघ द्वारा श्रमिक हित में दिए गए सुझावों के आधार पर शीघ्र संशोधन करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

संघ ने सेवा निवृत्ति के बाद वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम वैधानिक सीमा बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने की मांग की है। इसके अलावा बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की कार्यकुशलता, मानसिक श्रम और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए देश के सभी बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग की गई है।

भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि इन मांगों को लेकर 17 अगस्त को एक दिवसीय विशाल आंदोलन किया जाएगा और भारत सरकार का ध्यान श्रमिकों की समस्याओं एवं मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा। वही प्रदेश कार्यसमिति ने निर्णय लिया है कि पूर्व में 46 सूत्रीय मांगो को लेकर भी सरकार को ज्ञापन दिया है अगर मजदूर संघ की मांगों पर सरकार जल्द ही कोई निर्णय नहीं करती तो 26 अक्टूबर को संघ बड़ा आदोलन करेगा।

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