अहमदाबाद , अक्टूबर 31 -- भारत पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में बंगलादेश को 56-27 से करारी शिकस्त देकर कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। अब खिताबी मुकाबले में भारत का सामना पुरुष वर्ग के फाइनल में श्रीलंका से होगा, जिसने दूसरे सेमीफाइनल में केन्या को 28-24 से हराया।

अहमदाबाद के वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल मेंभारत ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपना दबदबा कायम रखा। नवीन कुमार और नीरज नरवाल ने रेडिंग में टीम की अगुवाई की, जबकि दीपक एस और शुभम शिंदे ने डिफेंस की कमान संभाली। दिपायोन गोल्डर ने सफल रेड के साथ बंगलादेश का खाता खोला, लेकिन भारत ने जल्दी ही मुकाबले पर नियंत्रण स्थापित कर लिया और शुरुआती पांच मिनट के भीतर पहला ऑल आउट कर दिया।

इसके बाद भरत हुड्डा और शिवम पटारे ने रेडिंग की जिम्मेदारी संभाली, जिससे भारत अपनी बढ़त लगातार बढ़ाता गया, जबकि दीपक एस ने डिफेंस में अपना प्रभाव बनाए रखा। पहले हाफ में आठ मिनट शेष रहते भारत ने दूसरा ऑल आउट किया और हाफ टाइम तक 28-8 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। बंगलादेश भारतीय रक्षा पंक्ति में सेंध लगाने के लिए संघर्ष करता रहा और पहले हाफ में एक भी टैकल अंक दर्ज नहीं कर सका। बंगलादेश की ओर से दिपायोन गोल्डर और एमडी रहमान ने रेड के जरिए अपनी टीम के लिए अंक जुटाए।

ब्रेक के बाद भी भारत ने अपनी लय बरकरार रखी और प्रभावी रेडिंग के साथ अनुशासित डिफेंस का प्रदर्शन करते हुए मुकाबले में 10 मिनट शेष रहते 38-16 की बढ़त बना ली। भरत हुड्डा लगातार बंगलादेश के डिफेंस के लिए परेशानी बने रहे और मुकाबले में चार मिनट शेष रहते भारत ने एक और ऑल आउट किया, जिससे उसकी बढ़त बढ़कर 49-20 हो गई। अंततः भारत ने 56-27 की एकतरफा जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने मुकाबले में 37 रेड अंक, 12 टैकल अंक और ऑल आउट से 6 अंक हासिल किए।

भरत हुड्डा ने भारत के लिए सर्वाधिक 13 अंक हासिल किए, जबकि शिवम पटारे ने 11 अंक और नीरज नरवाल ने 9 अंक का योगदान दिया। डिफेंस में अजीत पवार ने भी महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ा और 8 टैकल प्रयासों में 5 टैकल अंक हासिल किए। भारत ने पूरे मुकाबले के दौरान बंगलादेश पर लगातार दबाव बनाए रखा।

दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका ने दमदार चुनौती पेश करने वाली केन्या टीम को 28-24 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां उसका सामना भारत से होगा। श्रीलंका की ओर से मिलिंदा चतुरंगा और साबिहान ने 6-6 अंक हासिल किए, जबकि विदुरंगा ने 4 अंक का योगदान दिया। डिफेंस में माडे द्विकी संजया ने 5 टैकल अंकों के साथ श्रीलंका के लिए अहम भूमिका निभाई। केन्या की ओर से हेल्विक वंजाला ने सर्वाधिक 9 अंक हासिल किए, जबकि सैमुअल वाफुला ने 6 अंक का योगदान दिया।

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