नयी दिल्ली , अक्टूबर 14 -- भारतीय नौसेना ने संयुक्त समुद्री बलों के संयुक्त कार्यबल-154 की कमान आठ महीने तक संभालने के बाद बुधवार को बहरीन के मनामा में आयोजित समारोह में वापस सौंप दी।
भारतीय नौसेना की कमान के दौरान 39 देशों के कर्मियों ने प्रशिक्षण गतिविधियों में हिस्सा लिया और उन्हें 7,800 घंटे से अधिक का प्रशिक्षण दिया गया। नौसेना ने इस वर्ष 11 फरवरी को इस कार्यबल की कमान संभाली थी। यह संयुक्त समुद्री बलों का बहुराष्ट्रीय समुद्री प्रशिक्षण कार्यबल है, जिसका उद्देश्य साझेदार देशों की क्षमता बढ़ाना और समुद्री अभियानों में आपसी तालमेल मजबूत करना है।
नौसेना की कमान के दौरान 20 प्रशिक्षण कार्यक्रम, दो बड़े बहुराष्ट्रीय अभ्यास और समुद्री डकैती तथा सशस्त्र लूट से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों का पहला विचार-विनिमय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इनमें 5 से 6 अक्टूबर को हुआ स्पार-2026 भी शामिल है, जिसमें 25 देशों के 135 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान ऑपरेशन कम्पास रोज 26-1 अप्रैल में पूरी तरह ऑनलाइन आयोजित किया गया। इसमें 25 साझेदार देशों और 13 संगठनों के 137 प्रतिभागियों, 11 पर्यवेक्षकों और 21 प्रशिक्षकों ने भाग लिया। जुलाई में कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान में ऑपरेशन सदर्न रेडीनेस 26-2 आयोजित किया गया। यह भारत में आयोजित संयुक्त समुद्री बलों का पहला बड़ा प्रशिक्षण अभ्यास था। इसमें 27 देशों के 276 कर्मियों ने हिस्सा लिया और करीब 3,800 घंटे का प्रशिक्षण हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में समुद्री सुरक्षा, समुद्री कानून, समुद्री डकैती रोकने, साइबर सुरक्षा, सूचना साझा करने और बहुराष्ट्रीय अभियानों की योजना बनाने जैसे विषय शामिल रहे। इस कार्यकाल में प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने का संयुक्त समुद्री बलों का पहला विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
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