नयी दिल्ली , अक्टूबर 31 -- दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर, ईशा सिंह, एलावेनिल वलारिवान और एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली नीरू ढांडा, दोहा में रविवार से शुरू हो रही आईएसएसएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप (राइफल/पिस्टल/शॉटगन) में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी। देश के शीर्ष निशानेबाज आइची-नागोया (एशियाई खेलों) की हालिया निराशा को पीछे छोड़कर, 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने की अपनी मुहिम शुरू करने की कोशिश करेंगे।
इस प्रतियोगिता के साथ ही ओलंपिक क्वालिफिकेशन चक्र की भी शुरुआत हो रही है, जिससे भारतीय दल के पास अपनी खोई हुई लय वापस पाने और लॉस एंजेलिस के सफर के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने का बेहतरीन मौका होगा।
आइची-नागोया एशियाई खेलों से भारत 15 पदक-तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य- के साथ लौटा था। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत ने 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे, जिसके मुकाबले यह प्रदर्शन काफी कम रहा। दोहा चैंपियनशिप से यह संकेत मिल सकेगा कि टीम ने उस झटके के बाद खुद को किस तरह संभाला है।
2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए 12 व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कुल 36 कोटा स्थान उपलब्ध होंगे, जिससे इस प्रतियोगिता का महत्व और बढ़ गया है। भारतीय निशानेबाज क्वालिफिकेशन की दौड़ में जल्द से जल्द अपनी छाप छोड़ने के साथ-साथ, मजबूत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के सामने खुद को परखने के लिए भी उत्सुक होंगे।
नीरू ढांडा उन निशानेबाजों में शामिल हैं जो पूरे आत्मविश्वास के साथ इस चैंपियनशिप में उतरेंगी। उन्होंने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत और मिश्रित टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे, साथ ही टीम स्पर्धा में रजत पदक भी हासिल किया था। पिस्टल स्पर्धा में मनु भाकर और ईशा सिंह से भारत को काफी उम्मीदें हैं, जबकि राइफल वर्ग में एलावेनिल वलारिवान मुख्य खिलाड़ी होंगी। सुरुचि इंदर सिंह भी एक ऐसी निशानेबाज हैं जिन पर सबकी नज़रें रहेंगी, क्योंकि भारत अलग-अलग स्पर्धाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
पुरुष टीम से भी अहम योगदान की उम्मीद है, जिसमें सम्राट राणा और वरुण तोमर जैसे खिलाड़ी बड़ी जिम्मेदारी संभालते हुए नज़र आ सकते हैं। दोहा में होने वाले प्रदर्शनों पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी, क्योंकि भारत का लक्ष्य आइची-नागोया में सामने आई कमियों को दूर करना और ओलंपिक चक्र के लिए एक मजबूत टीम तैयार करना है।
भारत के अभियान की शुरुआत 3 नवंबर से 10 मीटर एयर राइफल टीमों के साथ होगी। पुरुष टीम में पार्थ माने, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ मखीजा शामिल हैं, जबकि महिला वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व शाम्भवी क्षीरसागर, सोनम मस्कर और इलावेनिल वलारिवान करेंगी।
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