नयी दिल्ली , जुलाई 14 -- पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा संकट के बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए 'नाविक प्रथम' अभियान शुरू किया है जिसके तहत प्रत्येक भारतीय नाविक की निगरानी, हर प्रभावित नाविक के लिए समर्पित संपर्क अधिकारी नियुक्त करने तथा 24 घंटे समन्वय व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये हैं।

पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को इस संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारी जहाज एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मृत्यु तथा कई अन्य के घायल होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्री सोनोवाल ने कहा कि भारत ने निहत्थे व्यापारी जहाजों पर हुए इन हमलों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

उन्होंने मृतक नाविक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करटे हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उनका कहना था कि सरकार हर भारतीय नाविक और उसके परिवार के साथ खड़ी है।

केंद्रीय मंत्री ने प्रभावित क्षेत्र में संचालित प्रत्येक जहाज और उस पर कार्यरत प्रत्येक भारतीय नाविक का वास्तविक समय का ब्यौरा रखने की विशेष निगरानी प्रणाली विकसित करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया है कि जहाज किसी भी देश के ध्वज के तहत संचालित हो, प्रभावित क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक भारतीय नाविक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

श्री सोनोवाल ने प्रत्येक प्रभावित भारतीय नाविक के लिए एक समर्पित संपर्क अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए, जो परिवारों को स्वास्थ्य, स्वदेश वापसी, यात्रा दस्तावेज, वेतन, मुआवजा तथा अन्य सहायता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगा। उन्होंने विदेश मंत्रालय और क्षेत्र के भारतीय मिशनों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने तथा जहाजों की आवाजाही केवल नए सुरक्षा आकलन और सक्षम समुद्री प्राधिकरणों के परामर्श के बाद ही सुनिश्चित करने को कहा।

सरकार ने नाविकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए 24 घंटे सहायता प्रणाली भी शुरू की है। इसके लिए घरेलू टोल फ्री नंबर 1800-889-7768, अंतरराष्ट्रीय टोल फ्री नंबर 1-888-988-0256, व्हाट्सएप 91-8655856830 तथा ई-मेल पर सहायता प्राप्त की जा सकती है।

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