चंडीगढ़ , नवंबर 02 -- भारतीय किसान यूनियन (कादियां) ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की है।

संगठन के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियां ने सोमवार को यहां अकाली दल के मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की मौजूदगी में यह एलान किया।

श्री कादियां ने कहा कि अकाली दल को समर्थन देने से पहले संगठन ने तीन महीने तक विभिन्न राजनीतिक दलों के किसान हितों से जुड़े एजेंडे और उनके कामकाज का आकलन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारों का किसानों के प्रति रवैया निराशाजनक रहा है। उनके अनुसार, आप सरकार ने संगठन के साथ हुए लिखित समझौते का पालन नहीं किया और किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने जैसी कार्रवाई की। उन्होंने पिछले साल बाढ़ और छह महीने से अधिक समय पहले हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया।

उन्हाेंने कहा कि अकाली दल जैसी क्षेत्रीय पार्टी ही पंजाब और किसानों के हितों की रक्षा कर सकती है। उन्होंने बताया कि संगठन ने अकाली दल अध्यक्ष को मांगपत्र सौंपकर अटारी-वाघा सीमा व्यापार के लिए खोलने, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहन देने, गेहूं और धान के अलावा अन्य फसलों पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने, फसल बीमा लागू करने तथा पंजाब में बाहरी लोगों द्वारा जमीन खरीदने पर रोक लगाने की मांग की है।

श्री बादल ने संगठन के समर्थन के लिए श्री कादियां का आभार जताया और सभी किसान तथा मजदूर संगठनों से अकाली दल का साथ देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी की सरकार बनने पर संगठन की ओर से उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। बादल ने भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक सर प्रताप सिंह कादियां का भी उल्लेख किया, जो 1968 में अकाली दल के विधायक रहे थे।

श्री बादल ने दावा किया कि अकाली दल ने किसानों के कल्याण के लिए अन्य दलों की तुलना में अधिक काम किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी में बड़े पैमाने पर विधायक पार्टी छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि आप के विधायक अपनी ही पार्टी से ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और उन्हें पता है कि पंजाब के लोग पार्टी से नाराज हैं। बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के धुरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव हारने का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकार बनने पर राज्य और उसके संसाधनों को लूटने वालों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित