भदोही , अगस्त 27 -- भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की पांच दशक लंबी वैश्विक यात्रा का जश्न मनाते हुए 50वां इंडिया कार्पेट एक्सपो (स्वर्ण जयंती संस्करण) आगामी चार से सात अक्टूबर तक भदोही में आयोजित किया जाएगा।

कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) द्वारा वाणिज्य मंत्रालय एवं वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस एक्सपो में देश के प्रमुख कालीन उत्पादन एवं निर्यात केंद्रों के निर्यातक हिस्सा लेंगे।

परिषद के अनुसार, एक्सपो के लिए अब तक भदोही, मिर्जापुर, वाराणसी, पानीपत, जम्मू-कश्मीर, जयपुर और बीकानेर सहित विभिन्न कालीन क्षेत्रों से कुल 170 निर्यातकों ने पंजीकरण कराया है।

एक्सपो में भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की विविधता, पारंपरिक शिल्पकला, आधुनिक डिजाइन और गुणवत्ता को वैश्विक खरीदारों के समक्ष प्रदर्शित किया जाएगा। दुनिया के विभिन्न देशों से विदेशी खरीदारों, आयातकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।

परिषद के मुताबिक, पिछले इंडिया कार्पेट एक्सपो में करीब 400 विदेशी खरीदारों ने पंजीकरण कराया था। इस वर्ष अब तक लगभग 48 देशों से 164 विदेशी खरीदार पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय क्षेत्र सहित विभिन्न प्रमुख वैश्विक बाजारों के खरीदार शामिल हैं।

स्वर्ण जयंती संस्करण में ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के बाजारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ब्राजील, रूस, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित उभरते बाजारों से खरीदारों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। परिषद के अनुसार, अब तक 30 से अधिक ब्रिक्स देशों के खरीदारों की सहभागिता सुनिश्चित हो चुकी है।

भदोही विश्व के प्रमुख हस्तनिर्मित कालीन उत्पादन एवं निर्यात केंद्रों में शामिल है। ऐसे में यहां इंडिया कार्पेट एक्सपो के 50वें संस्करण का आयोजन भारतीय कालीन उद्योग की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने के साथ-साथ नए बी2बी व्यापारिक अवसरों के सृजन का माध्यम बनेगा।

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